परिषदीय स्कूलों के बच्चों को दोबारा पढ़ाई से जोड़ने की कार्ययोजना बताएंगे गुरुजी, अभिभावकों को करेंगे जागरूक
परिषदीय स्कूलों में प्रबंध समिति की बैठक में शिक्षक अभिभावकों को वार्षिक परीक्षा की तैयारी बताएंगे। स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा स्कूल लाने और पढ़ ...और पढ़ें

प्रयागराज परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई से वंचित बच्चों को वापस लाने की मुहिम चलाई जाएगी।
HighLights
एसएमसी की बैठक में वार्षिक परीक्षा की तैयारी पर विमर्श
आउटा आफ स्कूल बच्चों के साथ नए नामांकन की बनेगी रणनीति
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। परिषदीय स्कूलों में माह के पहले बुधवार को प्रबंध समिति की बैठक होती है। इस बार होली के कारण यह नहीं हो सकी। अब विद्यालयों को अपने स्तर से तिथि तय कर यह बैठक करनी है, इसके लिए स्कूल शिक्षा महानिदेशक की ओर से एजेंडा जारी कर दिया गया है। इसमें पूरे माह की गतिविधियों की जानकारी शिक्षक अभिभावकों को देंगे। खासकर वार्षिक परीक्षा की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।
स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा स्कूल लाने और पढ़ाई से जोड़ने की कार्ययोजना भी शिक्षक साझा करेंगे। अपने विद्यालय क्षेत्र के उन बच्चों की सूची भी प्रस्तुत की जाएगी जो स्कूल छोड़ चुके हैं। संबंधित बच्चों के अभिभावकों से शिक्षक घर जाकर संवाद भी करेंगे जिससे वे अपने बच्चों को दोबारा स्कूल भेजने के लिए तैयार हो जाएं। प्रवासी परिवारों व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुन: नामांकित बच्चों के लिए अतिरिक्त शैक्षिक सहयोग व ब्रिज कोर्स चलाने का प्रस्ताव भी इस बैठक में रखा जाना है।
राष्ट्रीय मेंटर शत्रुंजय शर्मा के अनुसार मार्च के लिए जो एजेंडा तय किया गया है उनमें वार्षिक परीक्षा के दौरान सभी बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य करने के लिए प्रयास होगा। कक्षा के अनुसार परीक्षा प्रारूप, प्रश्नपत्र व्यवस्था जैसे विषय पर भी चर्चा होनी है। नए सत्र 2026-27 के लिए नामांकन अभियान एक अप्रैल से चलेगा। स्कूल चलो अभियान को प्रभावी बनाते हुए लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया जाएगा।
शासन से यह भी निर्देश है कि कंपोजिट ग्रांट के उपभोग पर चर्चा की जाए। विद्यालय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए धन का उपयोग करने का प्रयास होगा। स्कूल में साफ सफाई व व्यवस्था सुधार जैसे बिंदु एसएमसी बैठक में शामिल किए गए हैं। इस बैठक में उन बिंदुओं पर भी चर्चा होगी कि नए सत्र में स्कूल को कैसे अच्छा और साफ सुथरा बनाया जाए जिससे नए बच्चे जब आएं तो उन्हें बेहतर वातावरण मिले।
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पीने का पानी, बिजली, शौचालय जैसी व्यवस्थाओं पर भी चर्चा करने के साथ रिपोर्ट स्कूल शिक्षा महानिदेशक के निर्देश पर बनाकर दिया जाना है। निपुण प्रगति रिपाेर्ट भी अभिभावकों से साझा की जाएगी। कक्षा एक और दो के ऐसे बच्चें जिनकी प्रगति अपेक्षा के अनुसार ठीक नहीं है, उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं भी चलाई जाएंगी।