सांसद अफजाल अंसारी के चचेरे भाई की दुकानों के मामले में गाजीपुर DM को HC का नोटिस, मांगा जवाब
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सपा सांसद अफजाल अंसारी के चचेरे भाई मंसूर अंसारी की दुकानों की रिहाई से जुड़े अवमानना मामले में गाजीपुर के जिलाधिकारी को कारण बत ...और पढ़ें

सांसद अफजाल अंसारी के चचेरे भाई की दुकानों के मामले में गाजीपुर DM को HC का नोटिस।

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विधि संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने समाजवादी पार्टी सांसद अफजाल अंसारी के चचेरे भाई मंसूर अंसारी की दुकानों के रिलीज से जुड़े अवमानना मामले में गाजीपुर के जिलाधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उन्हें आदेश का अनुपालन नहीं किए जाने पर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है।
साथ ही अगली सुनवाई के लिए 14 जुलाई की तारीख तय करते हुए इसे शीर्ष 10 मुकदमों में सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र ने मंसूर अंसारी की अवमानना याचिका पर उनके अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय को सुन कर दिया है। पूर्व में डीएम अविनाश कुमार को पक्षकार बनाया गया था।
गाजीपुर में नए डीएम के रूप में अनुपम शुक्ला की नियुक्ति होने के कारण याची के अधिवक्ता ने उन्हें पक्षकार बनाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट ने इसकी अनुमति दे दी और वर्तमान जिलाधिकारी को विपक्षी संख्या-2 के रूप में याचिका में शामिल करने के लिए कहा।
याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि जिलाधिकारी गाजीपुर ने 26 दिसंबर 2023 के आदेश से मंसूर अंसारी की 18 दुकानें गैंग्सटर एक्ट के तहत जब्त कर ली थीं। इसके विरुद्ध याची ने गाजीपुर स्थित विशेष अदालत (गैंग्सटर एक्ट) में प्रार्थना पत्र दिया, जो खारिज हो गया। इसके बाद उसने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की।
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कोर्ट ने गत 12 मार्च को विशेष अदालत (गैंग्सटर एक्ट) और डीएम गाजीपुर के आदेशों को निरस्त करते हुए जब्त संपत्ति रिलीज करने का निर्देश दिया था। अवमानना याचिका में आरोप है कि इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जा रहा है।