प्रयागराज के झूंसी के HRI में तेंदुआ की फिर आहट, संस्थान के अधिकारी की कार के आगे दिखा था, लोगों की उड़ी नींद
झूंसी, प्रयागराज के हरिश्चंद्र शोध संस्थान (HRI) में तेंदुए जैसी आहट से स्थानीय लोगों में दहशत है। वन विभाग की जांच के बावजूद कोई प्रमाण नहीं मिला, जब ...और पढ़ें

प्रयागराज के झूंसी स्थित एचआरआइ में तेंदुआ जैसे जानवर की तस्वीर कैद हुई थी। जागरण आर्काइव
HighLights
आए दिन जांच के लिए पहुंच रही वन विभाग की टीम, नहीं मिल रहे प्रमाण
एचआरआइ के सीसीटीवी कैमरे में तेंदुआ जैसे जानवर की तस्वीर कैद हुई थी
वन विभाग की टीम ने जानवर को जंगली बिल्ला बताकर किनारा कर लिया था
संसू, झूंसी (प्रयागराज)। जनपद में तेंदुआ ने दहशत पैदा कर दी है। झूंसी के छतनाग स्थित हरिश्चंद्र शोध संस्थान (HRI) में तेंदुआ की आहट ने यहां के कर्मचारियों के साथ ही आसपास के इलाके में लोगों की नींद उड़ा रखी है। आए दिन यहां से तेंदुआ दिखने की खबरें सामने आती हैं। वन विभाग की टीम पहुंचती है, लेकिन जांच में हाथ कुछ नहीं आता।
एचआरआइ में पिछले वर्ष अक्टूबर में भी दिखा था तेंदुआ
तेंदुआ के खौफ से स्थानीय लोगों को निजात नहीं मिल रही है। एचआरआइ परिसर में सबसे पहले अक्टूबर में यहां तेंदुआ दिखा था। इसके बाद आए दिन इसके नजर आने की जानकारी मिली, लेकिन तेंदुआ वन विभाग के हाथ नहीं लगा।
एक सप्ताह पूर्व भी सीसीटीवी में कैद हुई थी तस्वीर
एक सप्ताह पहले परिसर के सीसीटीवी कैमरे में एक जंगली जानवर की तस्वीर कैद हुई थी। तस्वीर में वह हूबहू तेंदुआ के जैसा दिख रहा था, लेकिन वन विभाग ने जंगली बिल्ला बताकर किनारा कर लिया। इसके बाद बीते दिनों संस्थान के एक अधिकारी की कार के आगे तेंदुआ जैसे जानवर के कूदने की सूचना मिली।
झूंसी के इन इलाकों में दहशत
इस पर वन विभाग के डिप्टी रेंजर सतेंद्र चौधरी ने रविवार को मौके पर पहुंच कर छानबीन की। उन्होंने बताया कि वहां तेंदुआ के कोई पगचिन्ह नहीं मिले। हो सकता है कि वह जानवर जंगली बिल्ला हो। वन विभाग भले ही तेंदुआ की मौजूदगी से इन्कार कर रहा हो, लेकिन उस्तापुर महमूदाबाद, छतनाग, हवेलिया व झूंसी कोहना सहित अन्य इलाकों में लोगों की नींद उड़ी हुई है।