प्रयागराज मंडल के चार जिलों में 70 हजार करोड़ की परियोजनाओं में देरी, तय होगी जिम्मेदारी; होगी कार्रवाई
प्रयागराज मंडल के चार जिलों में 70 हजार करोड़ रुपये की 2442 परियोजनाएं लंबित हैं, जिससे विकास कार्यों में भारी देरी हो रही है। मंडलायुक्त ने उदासीनता ...और पढ़ें

प्रयागराज मंडल के चार जिलों में लंबित परियोजनाओं को लेकर मंडलायुक्त ने सख्ती बरती है।
HighLights
जल निगम, PWD, सेतु निगम, आरईडी, सिडको, सीएंडडीएस व सिचांई विभाग के कार्य सबसे पीछे
सभी विभागों के मुख्य अभियंता, परियोजना प्रबंधक व जिला स्तरीय अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। संगम नगरी के पुरानी बाजारों व कस्बों में शंकरगढ़ भी शामिल है। मध्य प्रदेश की सीमा के पास स्थित इस पुराने उप नगर में इन दिनों लोगों को रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण में हो रही देरी से काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस परियोजना में देरी के चलते लोगों को घर से निकलना तक दूभर हो गया है।
जाम की समस्या से परेशान शंकरगढ़ के लोग
दरअसल, परियोजना के निर्माण के कारण कई जगह डायवर्जन कर दिया गया है। रेलवे क्रासिंग बंद हो जाने से अब दूसरे क्रांसिंग पर वाहनों का ज्यादा दबाव बनता है जिससे घंटों लोगों को जाम में फंसना पड़ता है। लगभग 57 करोड़ रुपये से 700 मीटर के इस आरओबी का निर्माण मार्च 2025 में शुरू हुआ था, जिसे जून 2026 में पूरा करना था। मंडल के चारों जिलों में इस तरह के दो-चार अथवा 10-20 परियोजनाएं नहीं, बल्कि 2442 प्रोजेक्ट हैं जो लंबित हैं।
लंबित परियोजनाएं 70 हजार करोड़ रुपये की हैं
प्रयागराज मंडल के प्रयागराज, प्रतापगढ़, फतेहपुर व कौशांबी जिलों में लगभग एक लाख करोड़ रुपये की 4007 परियोजनाएं स्वीकृत की गई थीं, जिसमें लगभग 1565 प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं। वहीं 2442 परियोजनाएं लंबित हैं जिनमें 1500 से ज्यादा प्रोजेक्ट के पूरे में काफी देर हो गई। ये लंबित परियोजनाएं लगभग 70 हजार करोड़ रुपये की हैं।
सबसे अधिक प्रोजेक्ट इन विभागों के लंबित
इनमें सबसे ज्यादा जल निगम, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, सीएंडडीएस, उप्र प्रोजेक्ट्स कार्पोरेशन लिमिटेड, यूपी सिडको, राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड, राज्य सेतु निगम, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड, राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रोजेक्ट लंबित हैं। मंडल में कुल 26 विभागों की ओर से इन परियोजनाओं के कार्य कराए जा रहे हैं। जिन विभागों के पास ज्यादा कार्य हैं, उनकी ज्यादा लापरवाही सामने आई है।
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उदासीनता पर होगी कार्रवाई
अब इन विभागों के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा रही है। इसके बाद भी उदासीनता सामने आएगी तो कार्रवाई कराई जाएगी। ऐसे अधिकारियों को चिन्हित करने के निर्देश भी मंडलायुक्त की ओर से दे दिए गए हैं।विभागों के मुख्य अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता से लेकर प्रोजेक्ट मैनेजर तक के कार्यों की निगरानी के लिए चारों जिलों के डीएम और सीडीओ से कहा गया है।
मंडल के चारों जिलों में जिन विभागों के कार्य निर्धारित समयावधि में पूरे नहीं हो सके हैं, उनके मंडल व जिला स्तरीय अधिकारियों को तेजी से गुणवत्ता के साथ परियोजनाओं को पूर्ण कराने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी लापरवाही पकड़ी गई तो कार्रवाई कराई जाएगी।
- सौम्या अग्रवाल, मंडलायुक्त प्रयागराज मंडल।
चारों जिलों की विभागवार लंबित परियोजनाएं
प्रमुख विभाग प्रयागराज प्रतापगढ़ फतेहपुर कौशांबी
जल निगम 528 807 600 128
निर्माण निगम लिमिटेड 59 3 0 1
प्रोजेक्ट्स कार्पोरेशन लिमिटेड 11 4 2 6
सीएंडडीएस 9 11 4 6
यूपी सिडको 4 3 5 5
पीडब्ल्यूडी 64 29 24 33
सिंचाई एवं जल संसाधन 28 8 7 2
नगर निगम 12 0 0 0
यूपीआरएनएएसएस 8 3 1 0
सेतु निगम 4 9 3 1
आरईडी 3 12 5 2
प्रोजेक्ट की जिलेवार संख्या, लंबित व स्वीकृत धनराशि
जिला परियोजनाएं पूर्ण प्रोजेक्ट लंबित प्रोजेक्ट अपूर्ण प्रोजेक्ट स्वीकृत राशि (करोड़ में)
प्रयागराज 1331 643 693 692 53936.69
कौशांबी 476 289 190 190 3369.89
प्रतापगढ़ 1287 384 904 902 41791.4
फतेहपुर 913 249 666 664 5167.26
मंडल 4007 1565 2453 2448 10265.24