संगम नगरी का समोसा, रसगुल्ला व सब्जी-कचौड़ी को मिलेगी पहचान, 'एक जनपद-एक व्यंजन' में सिग्नेचर डिश के रूप में चयनित
प्रयागराज के समोसा, सब्जी-कचौड़ी और रसगुल्ला को 'एक जनपद-एक व्यंजन' योजना के तहत सिग्नेचर डिश के रूप में चुना गया है। इस सरकारी निर्णय से स्थानीय व्यं ...और पढ़ें

प्रयागराज के बहादुरगंज में समोसा की दुकान पर खरीदारी करते लोग। जागरण
HighLights
स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी योजना
व्यापारी बोले- प्रदेश सरकार का यह निर्णय सराहनीय
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। संगमनगरी के प्रसिद्ध व्यंजन विशेषकर समोसा, सब्जी-कचौड़ी और रसगुल्ला को अब एक नई पहचान मिलेगी। प्रदेश सरकार की 'एक जनपद-एक व्यंजन' योजना के तहत सिग्नेचर डिश के रूप में इन तीनों व्यंजनों का चयन किया गया है। इससे जुड़े व्यापारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार लिया गया यह निर्णय सराहनीय है। इससे इन तीन व्यंजनों को काफी रफ्तार मिलेगी।
प्रदेश सरकार के इस साल के बजट में पहली बार स्थानीय खानपान और व्यंजनों को ग्लोबल प्लेटफार्म देने के लिए एक जनपद एक व्यंजन योजना शुरू की। इसके तहत जनपद के खास लोकप्रिय और भौगोलिक विस्तार से जुड़े व्यंजन समोसा, रसगुल्ला व सब्जी-कचौड़ी का चयन एक जनपद एक व्यंजन के रूप में किया गया।
सरकार ने यह योजना इसलिए शुरू की है ताकि स्थानीय व्यंजनों को और बढ़ावा दिया जा सके। साथ ही उन्हें विश्व स्तर पर ब्रांड बनाने का भी काम हो सके। इन तीनों व्यंजनों का चयन व्यापक शोध, फूड एक्सपर्ट्स, इतिहासकारों और स्थानीय दुकानदारों की राय के बाद लिया गया।
तीनों व्यंजनों के चयन के बाद सब्जी-कचौड़ी के दुकानदार संदीप व सुजीत गुप्ता का कहना है कि संगमनगरी में सब्जी-कचौड़ी की कई मशहूर दुकानें व रेस्टोरेंट हैं। बड़ी संख्या में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इससे जुड़े हुए हैं। अब इस व्यंजन को काफी बढ़ावा मिलेगा। समोसा बनाने वाले सुशील जायसवाल, राज यादव की मानें तो संगमनगरी का समोसा हमेशा से पसंद किया जाता रहा है।
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लोकनाथ का प्रसिद्ध समोसा देश के कोने-कोने में रहने वाले लोगों तक पहुंचता है।विदेश में भी यहां के समोसे की धूम है। हर चौराहे, कस्बे, ब्लाक में समोसा की दुकान जरूर नजर आती है। रसगुल्ला की दुकान चलाने वाले बबलू, मनोज का कहना है कि शहर से लेकर गांव तक कई प्रकार के रसगुल्ला यहां तैयार किए जाते हैं। जिले में कई ऐसी दुकानें हैं, जिनका रसगुल्ला इतना प्रसिद्ध है कि लोगों को जुबान पर इन दुकानों का नाम रटा हुआ है। उपायुक्त उद्योग शरद टंडन का कहना है कि समोसा, रसगुल्ला व सब्जी-कचौड़ी के एक जनपद एक व्यंजन योजना में शामिल करने से स्थानीय स्ट्रीट फूड वेंडर्स की आय बढ़ेगी।