प्रयागराज जंक्शन का सिटी सेंटर बनेगा शहर की पहचान, 20 हजार वर्ग मीटर में बनेगा आधुनिक हैंगआउट जोन; सभी के लिए होगा कुछ खास
प्रयागराज जंक्शन 24 महीने में 20 हजार वर्ग मीटर में फैले एक भव्य कमर्शियल हब और सिटी सेंटर में तब्दील होगा। इसमें फूड कोर्ट, गेमिंग जोन, शॉपिंग, मल्टी ...और पढ़ें

प्रयागराज जंक्शन के सिविल लाइंस साइड नई बिल्डिंग के सामने इसी एरिया को सिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। जागरण
HighLights
24 महीने में कमर्शियल हब बनाने की तैयारी
संगम तीरे माघ मेला से पहले होगी शुरुआत
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रयागराज जंक्शन अब सिर्फ ट्रेनों के आने-जाने का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि यह शहर का सबसे चमकदार 'सिटी सेंटर' बनने जा रहा है। सिविल लाइंस साइड में बनकर तैयार हुई 45 मीटर ऊंची नौ मंजिला भव्य इमारत अब नए रूप-रंग में निखरने को तैयार है। रेलवे के वाणिज्य विभाग के इस प्रस्ताव को संस्तुति मिल चुकी है और अगस्त में टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
24 माह में होगा निर्माण
वाणिज्य विभाग के प्रस्ताव के अनुसार 20 हजार वर्ग मीटर में फैलने जा रहे इस आधुनिक हैंगआउट जोन में हर उम्र के लोगों के लिए कुछ न कुछ खास होगा। माघ मेला से पहले इसका एक हिस्सा आकार ले लेगा, जबकि 24 महीने में यह पूरी तरह कमर्शियल हब (वाणिज्यिक केंद्र) बन जाएगा।
एक ही छत के नीचे होगा लजीज व्यंजन, गेम्स व फन पार्क
फूड कोर्ट के तहत एक ही छत के नीचे प्रयागराज के मशहूर स्ट्रीट फूड से लेकर लजीज व्यंजनों का स्वाद मिलेगा। गेमिंग जोन व टर्फ स्पोर्ट्स के तहत युवाओं के लिए वीआर गेम्स, रेसिंग सिमुलेटर और बाक्स क्रिकेट या बैडमिंटन के लिए टर्फ कोर्ट की सुविधा होगी। जबकि फन पार्क व शापिंग हेतु बच्चों के लिए आधुनिक झूले, ब्रांडेड आउटलेट्स, शापिंग कांप्लेक्स और मल्टीप्लेक्स की सुविधा होगी।
यहां से सीधे प्लेटफार्म तक पहुंच सकेंगे यात्री
यहां बिजनेस एड्रेस के लिए तीसरी से नवीं मंजिल तक कारपोरेट ऑफिस को जगह मिलेगी। यह पूरा परिसर 'माड्यूलर कियोस्क' माडल पर बनेगा, जिससे स्टेशन की भव्यता बनी रहे। प्रथम तल पर विशाल कानकोर्स बनेगा, जहां से यात्री 12 मीटर चौड़े स्काईवाक और एस्केलेटर के जरिए सीधे प्लेटफार्म तक पहुंच सकेंगे। पूरी बिल्डिंग 'बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम' से नियंत्रित होगी और दिव्यांग यात्रियों के लिए पूरी तरह सुलभ होगी। मंडल पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि यह जंक्शन न केवल रेलवे के राजस्व का बड़ा जरिया बनेगा, बल्कि शहर के युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा करेगा।