विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

प्रयागराज के महाकुंभ-2025 को एक और बड़ी उपलब्धि, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में मिला स्वर्ण सम्मान

By Gyanendra Singh Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Fri, 03 Jul 2026 05:27 PM (IST)

प्रयागराज के महाकुंभ-2025 को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में स्वर्ण सम्मान मिला है, जो डिजिटल तकनीक के सफल प्रयोग और ...और पढ़ें

प्रयागराज का महाकुंभ-2025। जागरण आर्काइव

प्रयागराज का महाकुंभ-2025। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. इस पुरस्कार में महाकुंभ आयोजन देश के सर्वश्रेष्ठ ई-गवर्नेंस नवाचारों में शामिल

  2. प्रमुख सचिव नगर विकास और महाकुंभ मेलाधिकारी को केंद्रीय मंत्री ने दिया पदक

  3. जयपुर में आयोजित समारोह में सीईओ यूपी डेस्को व उप मेलाधिकारी भी सम्मानित

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। महाकुंभ-2025 ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। केंद्र सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में महाकुंभ आयोजन को देश के सर्वश्रेष्ठ ई-गवर्नेंस नवाचारों में शामिल किया गया। प्रयागराज मेला प्राधिकरण के प्रयासों से दिव्य-भव्य महाकुंभ में डिजिटल तकनीक के सफल प्रयोग से स्वर्ण पदक मिला, जिसे दो जुलाई को जयपुर में आयोजित समारोह में उच्चाधिकारियों को प्रदान किया गया। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से उत्तर प्रदेश और प्रयागराज का गौरव राष्ट्रीय स्तर पर और बढ़ गया है।

किस कारण मिला सम्मान?

जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित दो दिवसीय '29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन 2026' के अंतिम दिन दो जुलाइ को प्रतिष्ठित 'स्वर्ण पदक' से महाकुंभ प्रयागराज को सम्मानित किया गया। महाकुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात जैसी सुविधाओं को तकनीक के जरिए बेहतर बनाने के लिए यह सम्मान दिया गया।

10 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि भी मिली 

केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह व राजस्थान सरकार में उद्योग एवं वाणिज्य, युवा मामले एवं खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव नगर विकास पी.गुरुप्रसाद, महाकुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद, यूपी डेस्को की सीईओ नेहा जैन व उप मेलधिकारी विवेक शुक्ला को स्वर्ण पदक ट्राफी, प्रमाण पत्र और 10 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दिए।

देश भर में एक मॉडल के रूप में मान्यता मिली

महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए कई डिजिटल टूल्स लागू करने वाले मेलाधिकारी विजय किरन आनंद का भीड़ नियंत्रण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और वास्तविक समय (रीयल टाइम) की निगरानी पर जोर था। उन्होंने ट्रैफिक के सटीक मार्ग और खोए हुए लोगों को खोजने के लिए डिजिटल एप का उपयोग किया। इस पुरस्कार के साथ दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन के प्रबंधन को देश भर में एक मॉडल के रूप में मान्यता मिली है। 

दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक, सांस्कृतिक आयोजन

महाकुंभ को सम्मानित किया जाना, इसका प्रमाण है कि प्रदेश सरकार ने दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को आधुनिक तकनीक के साथ सफलतापूर्वक जोड़ा। करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, डिजिटल सूचना सेवाओं, निगरानी व्यवस्था और विभिन्न नागरिक सुविधाओं के संचालन में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया। इसी प्रभावी डिजिटल प्रबंधन ने महाकुंभ 2025 को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई। महाकुंभ के सफल डिजिटल प्रबंधन ने बड़े आयोजनों के संचालन का नया माडल प्रस्तुत किया है।


होटल्स, कैंप, आपातकालीन सेवाएं भी एप पर

मेला में लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके होटल्स, कैंप, आपातकालीन सेवाओं और खोया-पाया केंद्र जैसी जानकारी एक क्लिक पर प्राप्त की गई। उप मेलाधिकारी विवेक शुक्ला ने बताया कि हाईटेक भीड़ और सुरक्षा प्रबंधन के तहत मेला में सुरक्षा के लिए चेहरा पहचान प्रणाली (एआइ बेस्ड फेसियल रिकग्नीशन सिस्टम) का उपयोग किया गया। सुगम यातायात और कनेक्टिविटी के लिए एआइ आधारित प्रबंधन प्रणाली का उपयोग हुआ। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए आटोमैटिक सेंसर वाले स्मार्ट टायलेट्स का प्रयोग किया गया।

यह भी पढ़ें- 'हलाला की आड़ में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म गंभीर अपराध', इलाहाबाद हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी

यह भी पढ़ें- कौशांबी: LPG टैंकर ब्लास्ट का एक और VIDEO आया सामने, दो टोलकर्मियों की भी मौत; मृतकों की संख्या हुई पांच

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।