Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    प्रयागराज शहर के हजारों मकान नंबरों में डुप्लीकेसी, एक मकान का नंबर दो लोगों को किया गया एलाट

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 17 May 2026 01:52 PM (IST)

    प्रयागराज नगर निगम द्वारा हजारों मकान नंबरों में गड़बड़ी सामने आई है, जहां एक ही नंबर दो अलग-अलग लोगों को आवंटित कर दिया गया है। इससे भवन मालिक गृह और ...और पढ़ें

    प्रयागराज नगर निगम की फाइल फोटो।

    प्रयागराज नगर निगम की फाइल फोटो।

    HighLights

    1. नगर निगम की ओर से तीन-चार हजार भवनों के नंबर में है गड़बड़ी

    2. भवन मालिक गृह-जलकर जमा करने में असमर्थ।

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। राधे श्याम पटेल मकान संख्या 446/ 69 अल्लापुर, दीपिक अग्रवाल मकान नंबर 213बी/5बी बाघम्बरी स्कीम,अर्चना तिवारी 214 /4 ए गंगा विहार कालोनी ट्रांसपोर्ट नगर यह चार नाम नगर निगम के कर निर्धारण विभाग की लापरवाही बनाने के लिए बानगी भर है। इसी तरह से शहर में तीन से चार हजार के आसपास एक मकान का नंबर दो अलग-अलग लोगों को जारी कर दिया गया है। विभागीय लापरवाही का खातियाजा भवन स्वामी भुगतने को मजबूर हैं। 

    भवन स्वामी नगर निगम का लगा रहे चक्कर 

    एक मकान नंबर दो अलग-अलग लोगों के नाम जारी होने से भवन स्वामी जोलन और नगर निगम मुख्यालय के चक्कर लग रहे हैं। अधिकारियों से शिकायत के बाद भी समाधान नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ने लगा है। गाढ़ी कमाई से जमीन खरीदकर मकान बनवाने के बाद दूसरे व्यक्ति के नाम से वहीं मकान नंबर जारी हो जाने से भवन स्वामी अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं।

    गृह और जलकर नहीं जमा कर पा रहे  

    तेलियरगंज के मेवा प्रसाद, दरियाबाद के राज रतन सिंह और राजापुर के रूपचंद्र ने बताया कि हमारे मकान का दो नंबर जारी कर दिया गया है। लिखित में भी शिकायत किया लेकिन सुधार नहीं किया गया है। डुप्लीकेसी में सुधार न किए जाने से हम गृह और जलकर नहीं जमा कर पा रहे है। 

    नगर निगम की ओर से मकान नंबरों में आई विसंगतियों को प्राथमिकता से दूर किया जा रहा है। किस कारण से ऐसा हुआ है मामले को लेकर संबंधित क्षेत्र के कर अधीक्षकों से जवाब लिया जाएगा।
    - संजय ममगई, मुख्यकर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम प्रयागराज।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- प्रयागराज में बड़ा हादसा, गंगा में नहाने गए दो सगे भाई गहरे पानी में समा गए, एक को बचाने में दोनों डूबे, तलाश जारी

    यह भी पढ़ें- UPESSC Teachers Recruitment : प्राचार्य पद के लिए आवेदन शुल्क 3000 एवं प्रधानाचार्य का 2000 रुपये निर्धारित