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    प्रयागराज के डॉ. आदित्य की संदिग्ध मौत मामले में हार्ट व बिसरा प्रिजर्व, पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों की उमड़ी भीड़

    By Amerdeep Bhatt Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Mon, 06 Apr 2026 03:05 PM (IST)

    प्रयागराज में डॉक्टर आदित्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह एसआरएन अस्पताल में सर्जरी विभाग के छात्र थे। बताया जा रहा है कि वह एक महिला डॉक् ...और पढ़ें

    प्रयागराज में एसआरएन अस्पताल के डॉक्टर आदित्य के पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों की जुटी भीड़। जागरण

    प्रयागराज में एसआरएन अस्पताल के डॉक्टर आदित्य के पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों की जुटी भीड़। जागरण 

    HighLights

    1. एसआरएन अस्पताल के सर्जरी विभाग में पीजी द्वितीय वर्ष के रेजिडेंट थे

    2. महिला डॉक्टर मित्र से मिलने गए थे, बाथरूम में पैर फिसलने से हुए थे घायल

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) के सर्जरी विभाग में पीजी द्वितीय वर्ष के रेजिडेंट 35 वर्षीय डॉ. आदित्य की रविवार रात संदिग्ध दशा में मौत हो गई। जॉर्जटाउन स्थित फ्लैट में डॉ. आदित्य अचेत हो गए थे। देर रात सूचना मिलने पर डॉक्टर आदित्य को उनके साथी, स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय लाये थे लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी।

    सोमवार सुबह घटना का पता चलने पर डॉक्टरों में खलबली मच गई। शव का मोस्टमॉर्टम कराने पर मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ, इसलिए बिसरा प्रिजर्व किया साथ ही हृदय गति रुकने से मौत की आशंका पर हार्ट भी प्रिजर्व कर लिया गया है। जॉर्जटाउन पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    डॉक्टर आदित्य भरद्वाज पुरम (अल्लापुर) के मूल निवासी थे। पढ़ाई के सिलसिले में जॉर्जटाउन में किराए का फ्लैट लेकर रहते है। उनके पिता दिलीप दवा कारोबारी हैं। बताया गया है कि रविवार रात डॉ. आदित्य एक महिला मित्र से मिलने गए थे। इसी बीच बाथरूम में पैर फिसलने से वह गिर पड़े और अचेत हो गए। उन्हें स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया, जान बचाने का प्रयास हुआ लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। आदित्य को मृत घोषित कर दिया गया।

    अस्पताल के डॉक्टरों के बीच चर्चा है कि आदित्य ने आत्महत्या की है। हालांकि डीसीपी सिटी मनीष शांडिल्य का कहना है कि प्रारंभिक जानकारी सामने आई है कि डॉक्टर अपने महिला मित्र डॉक्टर से मिलने गए थे, जहां चोट लगने से घायल हुए। अस्पताल में मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने पर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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    मेधावी छात्र थे डाॅ. आदित्य, उतने ही मिलनसार

    ड्यूटी के प्रति जितने निष्ठावान, उतने ही मिलनसार थे सर्जरी विभाग के डाॅ. आदित्य। रविवार रात प्लास्टिक सर्जरी वार्ड में ड्यूटी करने आए थे। भर्ती मरीजों की हालत देखी और विभागाध्यक्ष डाॅ. मोहित जैन को करीब सवा नौ बजे फोन पर जानकारी दी। उसी दौरान बुखार तेज होने लगा तो त्वरित राहत देने वाली दवा के लिए हाथ में वेनफ्लाम लगवाया। डाॅ. आदित्य के साथ इसके बाद जो कुछ भी हुआ उससे साथी डाॅक्टर और सर्जरी विभागाध्यक्ष स्तब्ध रहे।

    कभी कोई शिकायत नहीं मिली

    डाॅ. आदित्य के बारे में बताया गया है कि पढ़ाई में मेधावी थे। परीक्षाओं में सम्मानजनक अंक आते थे। हालांकि टॉप सूची तक नहीं पहुंच सके। सर्जरी विभागाध्यक्ष डा. वैभव श्रीवास्तव कहते हैं कि कभी कोई शिकायत नहीं आई, मानसिक तनाव तो पढ़ाई के दौरान हर किसी को रहता है। दिल में छेद के प्रश्न पर कहा कि बहुत पहले ऐसा था जिसका इलाज आदित्य के परिवार के लोग करा चुके थे।

    रात सवा नौ बजे तक सब कुछ सामान्य था

    पिछले पांच साल से दिल की कोई बीमारी सामने नहीं आई। डाॅ. वैभव ने यह भी कहा कि रविवार रात 9.15 बजे तक सब कुछ सामान्य रहा। रात 11.45 बजे फोन से सूचना मिली कि डाॅ. आदित्य फ्लैट में अचेत मिले हैं और जान पर संकट है। अस्पताल लाए जाने पर जान बचाने की कोशिश हुई लेकिन विफल रही।

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