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    यमुना का जलस्तर घटा, प्रयागराज के 70 हजार घरों में दो घंटे जलापूर्ति में कटौती होगी, भीषण गर्मी में गहराई पेयजल समस्या

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Thu, 28 May 2026 07:49 PM (IST)

    भीषण गर्मी के कारण प्रयागराज में यमुना का जलस्तर घटने से पेयजल संकट गहरा गया है। शहर के 35 वार्डों में 70 हजार घरों में जलापूर्ति में दो घंटे की कटौती ...और पढ़ें

    प्रयागराज में यमुना का पानी करैलाबाग स्थित इंटेकवेल तक पहुंचाने के लिए नदी में मोटर लगते श्रमिक। सौजन्य : जलकल

    प्रयागराज में यमुना का पानी करैलाबाग स्थित इंटेकवेल तक पहुंचाने के लिए नदी में मोटर लगते श्रमिक। सौजन्य : जलकल

    HighLights

    1. इंटेकवेल तक पानी पहुंचाने के लिए यमुना में लगाई गई छह मोटर, शहर में बढ़ा पेयजल संकट

    2. यमुना का जलस्तर और कम हुआ तो 35 वार्डों में तीन घंटे से ज्यादा तक हो सकती है कटौती

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भीषण गर्मी के चलते गंगा और यमुना का जलस्तर भी काफी नीचे खिसक गया है। यमुना में पानी कम होने के कारण शहर के पुराने मुहल्लों में पेयजल की समस्या बढ़ने लगी है। भीषण गर्मी में यमुना का जलस्तर घटने से 35 वार्डों में 70 हजार घरों में जलापूर्ति की समस्या और भी ज्यादा बढ़ गई है।

    वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जलापूर्ति में कटौती शुरू 

    जलस्तर कम होने से जलकल विभाग की ओर से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से दो घंटे जलापूर्ति में कटौती शुरू हो गई है। इसी तरह से यमुना में पानी कम होता रहा तो आने वाले दिनों में तीन घंटे के आसपास पानी की कटौती करने की बात कहीं जा रही है। जलापूर्ति में कटौती किए जाने से तीन से चार लाख की आबादी परेशान हो रही है। इंटेकवेल तक पर्याप्त पानी पहुंचे इसके लिए छह मोटर यमुना में लगाई गई है।

    नंबर गेम

    402 एमएलडी पानी की खपत प्रतिदिन शहर में होती है

    80 एमएलडी पानी की आपूर्ति वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से होती है

    322 एमएलडी की आपूर्ति नलकूप से आपूर्ति होती

    664 से अधिक शहर में नलकूप की संख्या है

    1600 किलोमीटर से अधिक दायरे में पाइप लाइन बिछाई गई है

    2.23 लाख से अधिक है पेयजल के कनेक्शन धारक 

    जलस्तर घटने से इंटेकवेल तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा 

    नलकूप लगाने के नाम पर करोड़ों रुपये तो खर्च कर दिया जा रहा है लेकिन लो-प्रेशर और दूषित जलापूर्ति से लाेगों को छुटकारा नहीं मिल रहा है। शहर के लगभग 35 वार्डों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से जलापूर्ति की जाती है। इसके लिए यमुना नदी से लगभग 80 से 85 एमएलडी पानी लिया जाता है। 27 मई की रात से यमुना का जलस्तर घटने से इंटेकवेल तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। गुरुवार को छह मोटर लगाने के साथ ही सुबह और शाम एक-एक घंटे जलापूर्ति में कटौती शुरू हो गई।

    इन मुहल्लों में पेयजल संकट बढ़ने के आसार 

    इंटेकवेल तक पर्याप्त पानी पहुंचे इसके लिए करैलाबाग की ओर पोकलैंड से खोदाई कराकर मोटर लगवाई गई है। करेली, अटाला, मुट्ठीगंज, हिम्मतगंज, बेनीगंज, करैलाबाग, सादियापुर, दरियाबाद सहित अन्य क्षेत्रों में पेयजल संकट बढ़ने के आसार तेज हो गए हैं।

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    सुबह-शाम कब-कब जलापूर्ति होगी 

    शहर में प्रतिदिन 402 एमएलडी पानी की आपूर्ति होती है। इसमें 80 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति वाटर ट्रीटमेंट प्लांट खुसरोबाग से होती है। सुबह छह बजे से नौ बजे तक और शाम को पांच बजे से आठ बजे तक आपूर्ति की जाती है। अब सुबह पांच बजे से आठ बजे तक और शाम को पांच बजे से सात बजे तक जलापूर्ति की जाएगी। जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता शिवम मिश्र का कहना कि इसी तरह से जलस्तर घटना रहेगा तो आने वाले दिनों में पेयजल आपूर्ति में कटौती की जाएगी।

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