RPF मंत्रालयी कर्मियों को LDCE से मिलेगी पदोन्नति, भारतीय रेलवे ने बदली वर्षाें से चली आ रही पुरानी व्यवस्था
रेलवे बोर्ड ने आरपीएफ के मंत्रालयी कैडर में पदोन्नति के लिए वर्षों पुरानी वरिष्ठता व्यवस्था को बदलकर LDCE कोटा लागू किया है। ऑफिस सुपरिंटेंडेंट, सीनिय ...और पढ़ें

भारतीय रेलवे ने आरपीएफ (सुरक्षा विभाग) के मंत्रालयी कैडर कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है।
HighLights
अभी तक आरपीएफ मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों को वरिष्ठता के आधार पर ही मिलती थी प्रोन्नति
आफिस सुपरिंटेंडेंट, सीनियर क्लर्क और जूनियर क्लर्क के पदों पर लागू होगा एलडीसीई कोटा
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भारतीय रेलवे ने आरपीएफ (सुरक्षा विभाग) के मंत्रालयी कैडर के कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। रेलवे बोर्ड ने वर्षों से चली आ रही पुरानी व्यवस्था को बदलते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के मंत्रालयी (मिनिस्ट्रियल) कर्मचारियों को आखिरकार विभागीय सीमित प्रतियोगिता परीक्षा (एलडीसीई) के दायरे में शामिल कर लिया है।
क्लर्क स्तर के कर्मी भी योग्यता से पदोन्नति पा सकेंगे
अब तक अन्य रेल विभागों की तर्ज पर आरपीएफ के मंत्रालयी कर्मियों को इस परीक्षा में बैठने और तेजी से तरक्की पाने का अवसर नहीं मिलता था। हालांकि रेलवे बोर्ड के नए आदेश के बाद अब इस कैडर के क्लर्क स्तर के कर्मचारी अपनी योग्यता के दम पर समय से पहले पदोन्नति हासिल कर सकेंगे। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को आदेश जारी किए
रेलवे बोर्ड के उप निदेशक (स्थापना-एन) अजय गोयल द्वारा 29 जुलाई को इसके लिए एनसीआर समेत सभी जोन के लिए आदेश जारी कर आरपीएफ के मंत्रालयी कैडर के लिए विभिन्न पदों पर एलडीसीई का कोटा तय कर दिया गया है। इसके तहत आफिस सुपरिंटेंडेंट (लेवल-छह) के 20 प्रतिशत पद, सीनियर क्लर्क (लेवल-पांच) के 13.33 प्रतिशत पद और जूनियर क्लर्क (लेवल-दो) के 16.67 प्रतिशत पदों को इस प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से भरा जाएगा। इस व्यवस्था से विभागीय कर्मचारियों को बिना लंबी वरिष्ठता का इंतजार किए, परीक्षा पास करके सीधे उच्च पदों पर पहुंचने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
कॉमन परीक्षा आयोजित होगी
प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए रेलवे का कार्मिक विभाग अन्य रेल विभागों के साथ आरपीएफ मंत्रालयी कैडर के लिए भी एक ही साझा (कॉमन) परीक्षा आयोजित करेगा। सीपीआरओ डा. शिवम शर्मा के अनुसार परीक्षा भले ही साझा हो, लेकिन आरपीएफ मंत्रालयी कैडर के अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट पूरी तरह से अलग तैयार की जाएगी।
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इसके अलावा, कैडर का पृथक्करण पूरी तरह बरकरार रहेगा, यानी आरपीएफ के मंत्रालयी कर्मचारी केवल अपने ही विभाग के खाली पदों के लिए पात्र होंगे और किसी अन्य विभाग का कर्मचारी आरपीएफ के पदों पर दावेदारी नहीं कर सकेगा। यह नया नियम केवल आरपीएफ के कार्यालयी एवं लिपिकीय (मिनिस्ट्रियल) स्टाफ पर लागू होगा, इसमें वर्दीधारी (एग्जीक्यूटिव) कैडर के कांस्टेबल या सब-इंस्पेक्टर शामिल नहीं होंगे।