Snakebite Incidents : सांप काटने पर एक घंटे के अंदर अस्पताल अवश्य पहुंचें; झाड़-फूंक में समय न गवाएं
Snakebite Case बारिश में सांप काटने की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसमें एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचना जरूरी है ताकि मरीज की जान बच सके। झाड़-फूंक में समय गंव ...और पढ़ें

Snakebite Case बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ गई हैं।
HighLights
प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल, बेली अस्पताल व सीएचसी-पीएचसी में इंजेक्शन उपलब्ध है
झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें, हालत बिगड़ती है।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। Snakebite Case बारिश के मौसम में बिलों में बारिश का पानी भरने से सांप बाहर निकल रहे हैं। इससे सांप के काटने की घटनाएं बढ़ गई हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में भी सांप, लोगों को काट रहे हैं। दावा है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एएसवी (एंटी स्नेक वेनम) है लेकिन इसका प्रचार-प्रसार न होने से लोग या तो सर्पदंश से प्रभावित व्यक्ति को लेकर तांत्रिक के पास पहुंच रहे हैं या किसी प्राइवेट क्लीनिक पर पहुंचकर एएसवी खरीद कर लगवा रहे हैं।
सांप ने डसा तो एएसवी खरीद कर ले जाएं
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में एंटी स्नेक वेनम बाहर से मंगाई जा रही है। झूंसी के रहने वाले दीपक को ट्रामा सेंटर ले जाया गया था, वहां हेल्प डेस्क पर परिवार को बताया गया मेडिसिन इमरजेंसी में ले जाना पड़ेगा लेकिन एएसवी बाहर से खरीद लें। शनिवार को ट्रामा सेंटर में 10 से अधिक ऐसे लोग लाए गए थे। इन सभी के लिए एएसवी बाहर से मंगाई गई।
नंबर गेम
02 मरीजों को लगाया गया है वेंटिलेटर
12 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं
15 लोग औसतन केवल एसआरएन अस्पताल पहुंचाए जा रहे हैं
50 लोगों को औसतन सांप रोज काट रहे हैं
60 मिनट में अस्पताल पहुंचें तो आसान हो जाता है इलाज।
झाड़ फूंक के चक्कर में बिगड़ रही हालत
Snakebite Case जसरा रेलवे क्रासिंग के पास रहने वाले राजेश कुमार को सांप ने काट लिया, परिवार के लोग अस्पताल की बजाए तांत्रिक के पास ले गए। दो घंटे तक झाड़ फूंक होती रही। इस बीच हालत और बिगड़ गई तो मरीज को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय लाया गया। नैनी निवासी मालती को पहले सांप ने काट लिया। परिवार के लोग उसे लेकर तांत्रिक के पास भटकते रहे। एसआरएन अस्पताल पहुंचे तब तक हालत काफी बिगड़ चुकी थी।
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टीबी सप्रू चिकित्सालय में उपलब्ध है एएसवी
Snakebite Case एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता टीबी सप्रू चिकित्सालय 'बेली अस्पताल' में है। हालांकि डाक्टर उसी को एएसवी लगाते हैं जिन्हें जहरीले सांप ने काटा होता है। अस्पताल की मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. भावना शर्मा ने बताया कि इंजेक्शन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं।
देर से पहुंचाया अस्पताल, मरीज वेंटिलेटर पर
उतरांव के सराय आलम निवासी शांति देवी को 17 जुलाई की रात करैत सांप ने डस लिया। चीख पुकार मची तो घर के लोग स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय ले आये। 40 किलोमीटर दूर अस्पताल लाते-लाते जहर फैल गया, महिला अब वेंटिलेटर पर है। चित्रकूट के बड़ी मऊ में रहने वाली 15 वर्षीय रेशमा पुत्री राममूरत, को 19 जुलाई की भोर में करीब चार बजे कोबरा ने डस लिया। पहले तो घर के लोगों झाड़ फूंक कराई, काफी देर बाद वहीं सरकारी अस्पताल ले गए। तब तक हालत हालत बिगड़ गई तो स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय ले आये। रेशमा की हालत को देखते हुए वेंटिलेटर लगाया गया है।
सभी सांप जहरीले नहीं होते। ज्यादातर लोगों की हालत घबराहट से या फिर झाड़ फूंक में समय गंवाने से बिगड़ती है। मेडिसिन आइसीयू में दो मरीज भर्ती हैं। इन्हें लाने में परिवार ने देरी की इसलिए हालत बिगड़ी हुई पाई गई थी। हालांकि अब सुधार हो रहा है।
- डा. जीतेंद्र शुक्ल, उप अधीक्षक एसआरएन चिकित्सालय।