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    UP Board : पाठ्यचर्या में AI, भाषा प्रयोगशाला व भावनात्मक विकास को शामिल करने पर जोर, प्रयागराज में जुटे विशिष्टजन

    By Awadhesh Pandey Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sat, 08 Aug 2026 03:10 PM (IST)

    यूपी बोर्ड की राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा कार्यशाला में एआई, भाषा प्रयोगशाला और भावनात्मक विकास को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर जोर दिया गया। शिक्षा अधिका ...और पढ़ें

    पाठ्यचर्या रूपरेखा के विकास के लिए यूपी बोर्ड मुख्यालय, प्रयागराज में आयोजित कार्यशाला में शामिल हुए प्रधानाचार्य, डीआइओएस, जेडी, अपर सचिव एवं यूपी बोर्ड सचिव। सौ. बोर्ड

    पाठ्यचर्या रूपरेखा के विकास के लिए यूपी बोर्ड मुख्यालय, प्रयागराज में आयोजित कार्यशाला में शामिल हुए प्रधानाचार्य, डीआइओएस, जेडी, अपर सचिव एवं यूपी बोर्ड सचिव। सौ. बोर्ड

    HighLights

    1. यूपी बोर्ड मुख्यालय में हुई राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा के दूसरे चरण की कार्यशाला

    2. प्रदेश के 32 जीआइसी के प्रधानाचार्य एवं शिक्षा अधिकारी हुए शामिल, दिए सुझाव

    राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) द्वारा राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा (एससीएफ) के विकास के लिए आयोजित कार्यशाला के द्वितीय चरण में शिक्षाविदों ने वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखकर एआइ, भाषा प्रयोगशाला और भावनात्मक विकास को शामिल करने के सुझाव दिए। शुक्रवार को कार्यशाला के अंतिम दिन विभिन्न विषय समूहों ने पाठ्यचर्या लक्ष्यों एवं दक्षताओं का प्रारंभिक मसौदा तैयार किया गया।

    इसमे विकसित ड्राफ्ट पर प्रदेश के राजकीय विद्यालयों के 32 प्रधानाचार्यों, डीआइओएस, क्षेत्रीय अपर सचिवों तथा संयुक्त शिक्षा निदेशकों एवं बोर्ड सचिव ने विचार रखे। यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने कहा कि राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा का प्रभावी क्रियान्वयन ही इसकी सफलता की कुंजी होगा और इसमें शिक्षकों व शिक्षाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

    अपर सचिव (पाठ्य पुस्तक) स्कंद शुक्ल ने कहा कि राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा में मुख्य रूप से प्रारंभिक शिक्षा पर बल दिया गया है। इसी कारण उत्तर प्रदेश की स्थानीय आवश्यकताओं और माध्यमिक शिक्षा की जरूरतों के अनुरूप अलग राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा विकसित की जा रही है। जुबली इंटर कालेज लखनऊ के प्रधानाचार्य सुमीत कुमार श्रीवास्तव ने मूल्यांकन में विद्यार्थियों के भावनात्मक विकास को भी शामिल करने का सुझाव दिया।

    राजकीय इंटर कालेज चंदौली के प्रधानाचार्य ने विद्यालयों में भाषा प्रयोगशालाएं स्थापित करने की आवश्यकता बताई। डीआइओएस अमेठी, डीआईओएस सीतापुर ने ऐसी पाठ्यचर्या विकसित करने की बात कही, जिससे विद्यालय विद्यार्थियों के लिए अधिक रुचिकर बन सके। संयुक्त शिक्षा निदेशक लखनऊ प्रदीप सिंह ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) को वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल करने पर विचार करने का सुझाव दिया। अंत में बोर्ड सचिव ने परीक्षा-2026 के सफल संचालन पर प्रधानाचार्यों, डीआइओएस व शिक्षाधिकारियों को सम्मानित किया।

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    परिषदीय परीक्षा 2026 एवं परिषद संबंधी कार्यों के प्रभावी संचालन, शैक्षिक नेतृत्व तथा उत्कृष्ट प्रशासनिक योगदान के लिए सम्मान कार्यक्रम" में यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने करीब 25 वर्ष बाद जीआइसी से 10वीं में टापर देने वाले वर्तमान में राजकीय जुबिली इंटर कालेज के प्रधानाचार्य सुमीत कुमार श्रीवास्तव को उत्कृष्ट योगदान के लिए बोर्ड मुख्यालय में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उनके निर्देशन में पीएमश्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज वाराणसी के कक्षा 10 के छात्र सूर्यदीप ने पूरे प्रदेश में 6वीं रैंक लाकर माध्यमिक शिक्षा विभाग को गौरवान्वित किया, जिसे उन्होंने अपने वेतन से एक लाख रुपये देकर सम्मानित किया था।

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