UP Board Exam 2026 : 18 जिलों में 17 विषयों की परीक्षा संवेदनशील घोषित, रहेगी विशेष चौकसी
UP Board Exam 2026 यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के 17 विषयों को 18 जिलों में संवेदनशील घोषित किया गया है। मुख्य सचिव ने इन जिलों में ...और पढ़ें

UP Board Exam 2026 यूपी बोर्ड के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के 17 विषयों की परीक्षा 18 जिलों में संवेदनशील घोषित की गई है।

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राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। UP Board Exam 2026 यूपी बोर्ड के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के 17 विषयों की परीक्षा 18 जिलों में संवेदनशील घोषित की गई है। इन विषयों की परीक्षाएं जिन तिथियों और पालियों में हैं, उसमें विशेष निगरानी और सतर्कता बरतने के निर्देश मुख्य सचिव एसपी गोयल ने दिए हैं।
संवेदशील जिलों एवं विषयों को चिह्नित हैं
UP Board Exam 2026 जिन विषयों की परीक्षा में विशेष सतर्कता बरती जानी है, उसमें हाईस्कूल के छह तथा इंटरमीडिएट के 11 विषय सम्मिलित हैं। बीते वर्षों में सामूहिक नकल, प्रश्नपत्र लीक के प्रयास के आरोपों को ध्यान में रखकर संवेदशील जिलों एवं विषयों को चिह्नित किया गया है।
बोर्ड सचिव ने सूची इन अधिकारियों को भेजी
UP Board Exam 2026 मामले में यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने संवेदनशील जिलों, विषयों और परीक्षा की पालियों की सूची/समय सारिणी मंडलायुक्तों, डीएम, पुलिस आयुक्त/एसएसपी/एसपी, क्षेत्रीय कार्यालयों के अपर सचिवों, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों एवं जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजी है।
संवेदनशील जिलों की सूची में ये जिले शामिल
UP Board Exam 2026 परीक्षा की दृष्टि से आगरा, मथुरा, अलीगढ़, प्रयागराज, हाथरस, कासगंज, एटा, कौशांबी, प्रतापगढ़, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया और गोंडा संवेदनशील जिलों की सूची में डाले गए हैं। इनमें हाईस्कूल के हिंदी, सामाजिक विज्ञान, गृहविज्ञान, अंग्रेजी, विज्ञान और गणित विषयों की परीक्षा में विशेष सतर्कता बरती जाएगी, जबकि इंटरमीडिएट के हिंदी, नागरिक शास्त्र, अंग्रेजी, इतिहास, जीवविज्ञान, गणित, अर्थशास्त्र, रसायन विज्ञान, समाजशास्त्र, भूगोल एवं भौतिक विज्ञान विषय की परीक्षा में विशेष निगरानी कराई जाएगी।
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प्रश्नपत्रों-परीक्षा की शुचिता प्रभावित हुई तो सख्त कार्रवाई
इस सूची के अनुरूप नकल माफिया एवं असामाजिक तत्वों को पहले ही चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश मुख्य सचिव की ओर से दिए गए हैं। यह भी कहा गया है कि जिलाधिकारी अपनी अध्यक्षता में बैठक कर व्यवस्था सुनिश्चित कर समीक्षा कर लें। प्रश्नपत्रों और परीक्षा की शुचिता प्रभावित होने पर दोषियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आजीवन कारावास तक तथा एक करोड़ रुपया तक जुर्माना का प्रविधान है।