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    जौहर विश्वविद्यालय ध्वस्तीकरण: लॉ स्टूडेंट्स को डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने पढ़ाया कानून का पाठ, दो घंटे चली बातचीत

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 01:22 PM (GMT+05:30)

    अवकाश के दिन जिलाधिकारी ने जौहर विश्वविद्यालय के छात्रों से मुलाकात कर ध्वस्तीकरण आदेश के कानूनी पहलू समझाए। छात्रों ने ज्ञापन सौंपकर आदेश वापस लेने क ...और पढ़ें

    डीएम अजय कुमार द्विवेदी को ज्ञापन देते जौहर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं। जागरण

    डीएम अजय कुमार द्विवेदी को ज्ञापन देते जौहर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं। जागरण

    HighLights

    1. डीएम ने जौहर विवि छात्रों को ध्वस्तीकरण के कानूनी पहलू समझाए

    2. छात्रों ने ज्ञापन सौंपकर ध्वस्तीकरण आदेश वापस लेने की मांग की

    3. डीएम ने बताया कि अपील का विकल्प मौजूद है, धरना व्यर्थ

    जागरण संवाददाता, रामपुर। अवकाश के दिन रविवार को जिलाधिकारी का दरबार सजा। इसमें जौहर विश्वविद्यालय से आमंत्रित किए गए छात्र-छात्राओं से लंबी वार्ता चली। जिलाधिकारी ने कानून के छात्र-छात्राओं को ध्वस्तीकरण आदेश के कानूनी पहलू समझाए। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने उन्हें अपनी मांगों के संबंध में एक ज्ञापन भी दिया।
    15 जुलाई को मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के अवैध घोषित 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद से छात्र-छात्राएं मुख्य प्रवेश द्वार पर धरना दे रहे हैं। जबकि, ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मंडलायुक्त मुरादाबाद के कार्यालय में अपील दायर की है।

    सीओ और एसडीएम को भेजकर किया आमंत्रित

    विधानसभा चुनाव नजदीक होने के चलते यह मुद्दा सियासी रंग भी लेने लगा है। पश्चिम यूपी में मुस्लिम राजनीति के अगुवाकार मोहम्मद आजम खां के समर्थकों की हमदर्दी बटोरने के लिए भी कई सियासी दिग्गज प्रयत्नशील हैं। कुल मिलाकर इस मामले का निस्तारण अब न्यायालय से ही संभव नजर आ रहा है। ऐसे में छात्र-छात्राओं के धरने को लेकर प्रशासन संजीदा हो गया।

    बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू भी पहुंचे

    इसी क्रम में जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने शनिवार शाम को एसडीएम टांडा कुमार गौरव और सीओ टांडा पंकज पंत को जौहर विश्वविद्यालय भेजकर धरनारत छात्र-छात्राओं से वार्ता कराई। साथ ही कानूनी पहलू समझने या अपनी कोई समस्या रखने के लिए रविवार को अपने कार्यालय में आमंत्रित किया था।

    अवकाश में भी जिलाधिकारी का कार्यालय खुला। दोपहर को बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू के साथ विश्वविद्यालय से एलएलबी का एक छात्र और दो छात्राएं जिलाधिकारी से मिलने पहुंचीं।

    डीएम को एक ज्ञापन सौंपा

    यहां जिलाधिकारी ने उनसे उनकी समस्या और धरने की वजह पूछी। इस पर उन्होंने डीएम को एक ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय के भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश वापस लेने की मांग की। जिलाधिकारी ने उन्हें कानूनी पहलू समझाते हुए बताया कि किसी मुद्दे पर किया गया फैसला अगर किसी को गलत प्रतीत होता है तो उसके पास अपील का विकल्प रहता है। इस प्रकरण में भी अपील की गई है। उस पर सुनवाई के बाद वहीं से जो भी फैसला आएगा वह मान्य होगा।

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    डीएम ने समझाया कि इसलिए ऐसे प्रकरण में धरना देने का कोई औचित्च नहीं है। कुल मिलाकर लगभग आधा घंटे दोनों पक्षों में बातचीत के बाद छात्र-छात्राएं वापस लौट गए। इस मौके पर एएसपी अनुराग सिंह और सीओ सिटी अभिषेक भी मौजूद रहे।

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