Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    सहारनपुर: देसी शराब में यूरिया मिलाकर बढ़ाते थे नशा, महिला समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 01:20 AM (IST)

    अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने यूरिया मिलाकर शराब बनाने के मामले में महिला समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास और 55-55 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सु ...और पढ़ें

    एआई जेनेरेटेड इमेज।

    एआई जेनेरेटेड इमेज।

    HighLights

    1. यूरिया मिली शराब बनाने के आरोप में पांच दोषी करार।

    2. आजीवन कारावास और 55 हजार रुपये का अर्थदंड।

    3. सहारनपुर में मई 2021 की घटना पर फैसला।

    संवाद सहयोगी, सहारनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश मिर्जा जीनत की अदालत ने यूरिया मिलाकर शराब बनाने के मामले में महिला समेत पांच आरोपितों को दोषी ठहराया। अदालत ने पांचों दोषियों को आजीवन कारावास और 55-55 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

    एडीजीसी संदीप कुमार सिंह ने बताया कि जनकपुरी थाने के दारोगा सतेंद्र कुमार शर्मा ने 13 मई 2021 को पुलिस टीम के साथ पहलवान पीर के पास दबिश दी थी। चार व्यक्ति टिन शेड के पास बने गेट से निकलकर भाग गए थे, जबकि मौके से भोली निवासी जेल चुंगी को पकड़ लिया था।

    टिन शेड से आठ पेटी देसी शराब बरामद हुई। सात पेटी में 315 पव्वे, एक पेटी में 30 पव्वे शराब थी। एक बाल्टी जिसमें तीन लीटर अपमिश्रित शराब व एक प्लास्टिक का डिब्बा, एक प्लास्टिक कीप, 15 पौव्वे खाली देशी शराब व एक किलो यूरिया बरामद हुआ था।

    यूरिया मिलाकर बढ़ जाती है शराब की तीव्रता 

    भागने वालों का नाम भोली ने सचिन, सूरज, बादल व डब्बू जायसवाल निवासी जेल चुंगी बताया था। बरामद शराब के बारे में भोली ने बताया कि वे लोग देसी शराब के पव्वे से मिलावटी शराब बनाते हैं।

    खबरें और भी

    देसी शराब में यूरिया मिलाकर शराब की तीव्रता बढ़ जाती है और उसके अच्छे दाम मिल जाते हैं। इसके बाद पुलिस ने अन्य आरोपितों को भी अलग-अलग स्थान से गिरफ्तार किया था। विवेचना के बाद पुलिस ने सभी पांचों आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की।

    दोनों पक्षों की बहस सुनने तथा पत्रावली पर आए साक्ष्य पर अदालत ने मंगलवार को सभी पांच आरोपितों को दोषी करार दिया और सजा सुनाई।

    यह भी पढ़ें- होशियारपुर के ठेकेदार आत्महत्या का मामला, दोषी अधिकारी की बर्खास्तगी बरकरार; हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की

    यह भी पढ़ें- 'शक कितना भी मजबूत हो, सबूत का विकल्प नहीं हो सकता...', 25 साल बाद पंजाब-हरियाणा HC ने किया हत्या के दोषी को बरी