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    घर से नाराज होकर बिहार से भटककर संतकबीर नगर पहुंचीं दो बहनें, पुलिस ने परिजनों को दी सूचना

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 10:24 PM (GMT+05:30)

    घर से डांट से नाराज होकर निकलीं बिहार की दो चचेरी बहनें तीन दिन तक भटकने के बाद संतकबीरनगर में पुलिस को मिलीं। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर दोनों कि ...और पढ़ें

    घर से नाराज होकर बिहार से भटककर संतकबीरनगर पहुंचीं दो बहनें।

    घर से नाराज होकर बिहार से भटककर संतकबीरनगर पहुंचीं दो बहनें।

    HighLights

    1. डांट से नाराज होकर घर से निकलीं बिहार की दो बहनें।

    2. तीन दिन तक वाराणसी, गोरखपुर, संतकबीरनगर में भटकती रहीं किशोरियां।

    3. पुलिस ने नाथनगर में ढूंढकर परिजनों को सकुशल सुपुर्द किया।

    जागरण संवाददाता, संतकबीर नगर। घर वालों की डांट से नाराज होकर निकलीं कक्षा आठ की दो चचेरी बहनें तीन दिन तक वाराणसी, गोरखपुर और संतकबीरनगर में भटकती रहीं। भूखी-प्यासी हालत में महुली थाना क्षेत्र के नाथनगर कस्बे में पहुंचीं दोनों किशोरियों को पुलिस ने सुरक्षित संरक्षण में लिया।

    समय रहते पुलिस के संपर्क में आ जाने से दोनों किसी अनहोनी का शिकार होने से बच गईं। हालांकि दोनों आखिर किसकी तलाश में घर से निकली थीं, इसका रहस्य पूछताछ के बाद भी नहीं खुल सका।

    दोनों किशोरियां बिहार के कैमूर जिले की रहने वाली हैं। इनमें एक के पिता ग्राम पंचायत के सरपंच हैं, जबकि दूसरी के पिता किसान हैं।

    पुलिस के अनुसार, दोनों चचेरी बहनें घर में डांट पड़ने से नाराज होकर रविवार को बिना किसी को बताए घर से निकल गई थीं। पहले ट्रेन से वाराणसी पहुंचीं, वहां से गोरखपुर आईं और फिर बस व टेंपो बदलते हुए बुधवार दोपहर महुली थाना क्षेत्र के नाथनगर कस्बे में पहुंच गईं।

    नाथनगर में काफी देर तक दोनों को भटकते देख वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को संदेह हुआ। पूछताछ करने पर दोनों ने बताया कि वे रास्ता भटक गई हैं। इसके बाद पुलिस उन्हें थाने ले आई और संवेदनशीलता के साथ पूछताछ की। इसी दौरान पता चला कि दोनों तीन दिन पहले अपने घर से निकली थीं।

    उधर, दोनों किशोरियों के अचानक लापता होने से उनके स्वजन परेशान थे। परिजनों ने रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार को पुलिस ने बालिकाओं से मिली जानकारी के आधार पर उनके परिजनों और बिहार के कैमूर पुलिस से संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी।

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    सूचना मिलते ही परिजन गुरुवार को महुली थाने पहुंचे। बेटियों को सकुशल देखकर उनकी आंखें भर आईं। आवश्यक सत्यापन और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद महुली पुलिस ने दोनों किशोरियों को उनके परिजनों के सिपुर्द कर दिया।

    थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार पांडेय ने बताया कि दोनों बालिकाओं ने पूछताछ में परिवार से नाराज होकर घर छोड़ने की बात स्वीकार की थी। सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें सकुशल उनके स्वजन को सौंप दिया गया।

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