शामली: हत्या का राज छिपाने के लिए किसान की ली थी जान, पिता और दो बेटों को उम्रकैद
कैराना फास्ट ट्रैक कोर्ट ने किसान विनोद की हत्या और बेटे पर जानलेवा हमले के मामले में पिता व दो बेटों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों ने विन ...और पढ़ें

किसान की हत्या में पिता व दो पुत्रों को आजीवन कारावास। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
किसान विनोद की हत्या में पिता-पुत्रों को आजीवन कारावास।
डेढ़ घंटे पहले देखी थी पालेराम की हत्या, इसलिए मारा।
कैराना फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया फैसला, 1.46 लाख जुर्माना।
संवाद सूत्र, कैराना (शामली)। किसान की बलकटी से वार कर हत्या करने और उसके बेटे पर जानलेवा हमले के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (फास्ट ट्रैक कोर्ट) ने पिता एवं दो पुत्रों को दोषी ठहराया है।
दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही एक लाख 46 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। घटना से डेढ़ घंटा पहले तीनों ने एक ग्रामीण की हत्या की थी, यह वारदात किसान ने देख ली थी।
तीन जनवरी 2022 की रात करीब सवा आठ बजे गांव लांक निवासी 40 वर्षीय विनोद अपने पुत्र लोमेश के साथ घेर से घर लौट रहे थे। घेर के पास ही पहले से घात लगाए बैठे कृष्णपाल ने विनोद को पीछे से पकड़ लिया था और उसके पुत्र विवेक उर्फ केकड़ा ने बलकटी से उस पर ताबड़तोड़ वार किए थे।
हथियार लहराते हुए फरार हुए आरोपी
दूसरे पुत्र विशांत ने लोमेश पर जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायर किया था। घटना को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपित हथियार लहराते हुए फरार हो गए थे। घटना के अगले दिन मृतक के भाई यशपाल ने शामली कोतवाली में तीनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था। यह मामला कैराना स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (फास्ट ट्रैक कोर्ट) में विचाराधीन चल रहा था। अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह पेश किए गए।
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जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक पुंडीर ने बताया कि सोमवार को न्यायाधीश ऋतु नागर ने मामले में फैसला सुनाया है। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद तीनों आरोपितों को दोष सिद्ध पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना के बाद से ही तीनों जेल में हैं।
हत्या का राज छिपाने के लिए उतारा था मौत के घाट
अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोषियों ने किसान विनोद की हत्या से करीब डेढ़ घंटे पहले गांव निवासी पालेराम की भी हत्या की थी। पुलिस जांच और बयानों में भी घटना स्वीकार की थी। बताया गया कि पालेराम की हत्या करते हुए विनोद ने तीनों को देख लिया था।
इस कारण घटना का राज खुलने के डर से उन्होंने विनोद की भी बलकटी से हत्या कर दी। पालेराम हत्याकांड का मुकदमा भी न्यायालय में विचाराधीन है।
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