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    Lucknow-Kanpur Expressway: 13 जुलाई को झाऊखेड़ा से बटन दबाकर होगा लोकार्पण, जानें वीवीआईपी मेहमानों का पूरा शेड्यूल

    Updated: Fri, 10 Jul 2026 10:24 PM (IST)

    Lucknow Kanpur Expressway: 13 जुलाई को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया जाएगा, जिससे यात्रा का समय घटकर 35-45 मिनट हो जाएगा। उन्नाव के झाऊखेड़ ...और पढ़ें

    बनकर तैयार कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे। जागरण

    बनकर तैयार कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे। जागरण

                       

    HighLights

    1. पड़री खुर्द के झाऊखेड़ा से होगा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण

    2. रेस्ट एरिया के लिए संरक्षित एनएचएआइ की भूमि पर उतरेगा हेलीकाप्टर

    3. रक्षामंत्री, परिवहन मंत्री के अलावा मुख्यमंत्री भी लोकार्पण कार्यक्रम में होंगे सम्मिलित

    जागरण संवाददाता, उन्नाव। Lucknow Kanpur Expressway: अमूमन कानपुर-लखनऊ के बीच वाया सड़क यात्रा में वाहन सवारों को डेढ़ से तीन घंटे का समय लगने की मजबूरी 13 जुलाई से समाप्त हो रही है। इस दिन अत्याधुनिक एआई तकनीकी, ज्यूरिख व जापानी की मशीनों से छह लेन के बनाए गए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया जा रहा है। जिसके बाद यह मार्ग आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की यात्रा करने वाले वाहन सवार कानपुर से लखनऊ महज 35 से 45 मिनट के अंदर पहुंच सकेंगे।

    एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किए जाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण लखनऊ यूनिट द्वारा जनपद के पुरवा विधानसभा व सदर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत पड़री खुर्द के मजरे झाऊखेड़ा स्थल के रूप में चुना गया है। यहीं एक्सप्रेसवे 51 किमी पर रेस्ट एरिया के लिए संरक्षित एनएचएआइ की जमीन पर यह कार्यक्रम होगा। शुक्रवार को कार्यक्रम स्थल पर अधिकारियों व निर्माण एजेंसियों से जुड़े तकनीशियनों की आवाजाही तेज रही।

    एनएचएआइ पीडी नकुल वर्मा का कहना है कि यह स्थान चुने जाने के पीछे कारण यह है कि यहां पर हमारी जमीन है। जिस पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकाप्टर उतरेगा। इसी जमीन पर लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के यात्रियों के लिए पांच बीघा क्षेत्र में रेस्ट एरिया बनवाया जाना है जो फिलहाल नहीं बना है। पीडी ने बताया कि यहां भारत सरकार के मंत्रियों व मुख्यमंत्री द्वारा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण बटन दबाकर किया जाएगा।

    मंत्रियों के कार्यक्रम स्थल पर दोपहर तीन बजे पहुंचने की संभावना है। पीडी ने बताया कि लोकार्पण किए जाने के बाद मंत्री एक्सप्रेसवे पर कुछ दूर तक पैदल भी टहलेंगे। इसके बाद सभी फ्लीट यहीं से अपने वाहनों से लखनऊ के लिए रवाना होंगे। एक्सप्रेसवे से यात्रा कर यह लोग लखनऊ के सरोजिनी नगर, सैनिक स्कूल के पास कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेगे। जहां मुख्यमंत्री, रक्षामंत्री व परिवहन मंत्री द्वारा जनसभा को संबोधित किया जाएगा।

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    दो किमी दूर है जंक्शन

    उन्नाव में लोकार्पण स्थल पड़री खुर्द नेवरना में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे व गंगा एक्सप्रेसवे जंक्शन से लगभग दो किमी दूर है। उन्नाव में एक्सप्रेसवे की लंबाई 45.58 किमी की है जो ग्रीन फील्ड एरिया है। वहीं लखनऊ में लगभग 18 किमी का एलीवेट एक्सप्रेस वे मार्ग है।

    फिलहाल सभी प्रवेश निकास सील

    लोकार्पण तक एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन न हो सके, इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने पूरे 63 किमी. के प्रवेश व निकास द्वार सील कर दिए हैं। वाहनों के प्रवेश न हो सके, उसके लिए सुरक्षा गार्ड लगा दिए हैं।

    दो एनएच, एक एक्सप्रेसवे व एक रिंग रोड से जुड़ रहा अवध एक्सप्रेसवे

    एक्सप्रेसवे कानपुर-लखनऊ एनएच, उन्नाव-लालगंज एनएच, गंगा एक्सप्रेसवे, आउटर रिंग रोड से कनेक्ट किया गया है। वर्तमान में यह छह लेन है लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे आठ लेन भी किया जा सकता है। एक्सप्रेसवे के दाएं व बाएं अभी काफी जमीन एनएचएआइ ने भविष्य की योजनाओं के लिए छोड़ रखी है। यह एक्सप्रेसवे लखनऊ के 11 उन्नाव के 32 कुल 43 गांवों से होकर निकला है। लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस वे के अलावा इसका नाम अवध एक्सप्रेसवे, ग्रीन करीडोर एक्सप्रेसवे भी है।

    आपातकालीन स्थिति में 10 मिनट में मदद

    आपातकालीन स्थितियों में त्वरित सहायता (10 मिनट से भी कम समय में मदद) और वाहनों की निरंतर निगरानी के लिए उन्नत सर्विलांस और 126 कैमरे लगाए गए हैं। मार्ग को हरा-भरा रखने के लिए सड़कों के किनारे ग्रीन कारिडोर, वाकवे और पार्क विकसित किए जा रहे हैं। अभी इस एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को मिलने वाली रेस्ट्रा, ईवी चार्जिंग स्टेशन, पेट्रोल पंप व ट्रामा सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने में छह माह का समय लगेगा।

    एक्सप्रेसवे पर यहां हैं टोल प्लाजा

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उन्नाव में तीन मुख्य स्थानों पर आजाद मार्ग चौराहा (उन्नाव/शुक्लागंज), कोरारी गांव (अचलगंज के पास) और अमरसस (लालगंज मार्ग) से चढ़ा व उतरा जा सकेगा। वहीं लखनऊ क्षेत्र में बनी व अन्य एक टोल प्लाजा है। जहां अन्य मार्गों से एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन के जरिए कनेक्टिविटी दी गई है।

    जिले में 380 कुल 483 हेक्टेयर जमीन का हुआ अधिग्रहण

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उन्नाव के 32 गांवों से होकर गुजर रहा है। एक्सप्रेस-वे के लिए जिले के गांवों में 380 वहीं कुल 483 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत हुई।

    इन गांवों की भूमि हुई अधिग्रहीत

    हसनगंज तहसील : हिनौरा, हसनापुर, बजेहरा
    पुरवा तहसील : तूरीछविनाथ, रायपुर, मैदपुर, मनिकापुर, तूरीराजासाहब, बछौरा, सरइया, कांथा, कुदिकापुर, बीकामऊ, सहरावां, काशीपुर
    सदर तहसील : मोहिद्दीनपुर, बेहटा, अमरसस, शिवपुरग्रंट, बंथर, जगेथा, नेवरना, कड़ेर पतारी, आंटा, कोरारीकला, करौंदी, गौरीशंकरपुर ग्रंट, पाठकपुर, जरगांव, तौरा व अड़ेरुवा।

    डिजिटल बोर्ड से जगमगा रहा एक्सप्रेसवे

    हर दस किमी पर चलने वाले वाहनों के बीच की 85 मी की दूरी, ड्राइविंग के दौरान सेलफोन न चलाएं, आपकी यात्रा मंगलमय हो जैसे संदेशों के डिजिटल बोर्ड एक्सप्रेसवे को ओर जगमगा रहे हैं।

    किमी पर ग्रीन बेल्ट की दो सौ मीटर जाली टूट कर गिरी

    एक्सप्रेसवे के नीचे दोनों ओर 20, 20 फीट की ग्रीन बेल्ट बनाई गई है। जिसके किनारे किनारे जाली लगी है। 57/2 किमी पर 200 सौ मीटर लगी जाली टूट कर नीचे गिरी पड़ी है। वहीं दोनों लेन का बना फुटपाथ अभी पूरी तरह नहीं बना है। कहीं किनारा कच्चा तो कहीं कहीं मात्र मौरंग के बजरी की ही पर्त बिछी है।

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