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    पूर्वांचल में सोनभद्र का वह सबसे ऊंचा पहाड़ जहां मानसूनी बादल आपको छूकर गुजरते हैं, बनता है यूपी में मानसून के आगमन का पहला गवाह

    By Prashant Kumar shuklaEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Thu, 25 Jun 2026 03:06 PM (IST)

    सोनभद्र का खोड़वा पहाड़ मानसून के दौरान पूर्वांचल का सबसे ऊंचा और आकर्षक स्थल बन जाता है, जहाँ बादल छूकर गुजरते हैं। यह कैमूर पर्वत श्रृंखला का हिस्सा ...और पढ़ें

    सोनभद्र का खोड़वा पहाड़: मानसूनी बादलों से घिरा पूर्वांचल का सबसे ऊंचा शिखर।

    सोनभद्र का खोड़वा पहाड़: मानसूनी बादलों से घिरा पूर्वांचल का सबसे ऊंचा शिखर।

    HighLights

    1. सोनभद्र का खोड़वा पहाड़ मानसून में बादलों से घिरा स्वर्ग।

    2. कैमूर पर्वत श्रृंखला का हिस्सा, मंगलेश्वर महादेव मंदिर का घर है।

    3. सोनभद्र में ट्रैकिंग और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत अनुभव।

    जागरण संवाददाता, सोनभद्र। जब मानसून का आगमन होता है, तो सोनभद्र का खोड़वा पहाड़ अपनी अनोखी विशेषताओं के लिए जाना जाता है। इसे पूर्वांचल का सबसे ऊंचा पहाड़ माना जाता है, जो मानसूनी बादलों के लिए एक अद्वितीय गवाह बनता है। पहाड़ मानसून के दौरान स्‍वर्ग‍िक अनुभव कराने वाला बन जाता है। 

    इस पहाड़ की ऊंचाई इतनी है कि यहां आने वाले बादल भी इसे पार नहीं कर पाते, जिससे यह पहाड़ एक अनोखी रंगत में नजर आता है। साल भर यह पहाड़ सामान्य पहाड़ों की तरह दिखता है, लेकिन मानसून के दौरान यह बादलों की खोह में तब्दील हो जाता है। आप मानसून के दौरान पहाड़ पर होंगे ताे कोहरे की तरह उड़ते बादल आपको भ‍िगा कर गुजरते नजर आएंगे। 

    उत्तर प्रदेश में आमतौर पर पहाड़ केवल सहारनपुर या उत्तराखंड से सटे क्षेत्रों में ही पाए जाते हैं, लेकिन कैमूर पर्वत श्रृंखला का यह खोड़वा पहाड़ जब मानसूनी रंगत ओढ़ता है, तो दृश्य स्वर्ग के समान हो जाता है। इस पहाड़ की ऊंचाई पर पहुंचने पर, मानसूनी बादल इतने करीब होते हैं कि उन्हें छूने का अनुभव अद्भुत होता है, मानो आप कश्मीर या उत्तराखंड में हों। जब यह पहाड़ बादलों से घिरा होता है, तो यह लोगों के लिए जिज्ञासा का विषय बन जाता है और यहां खेती-किसानी की ओर भी रुख करते हैं।

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    सोनभद्र की सबसे ऊंची पहाड़ी खोड़वा पहाड़ी है, जिसे स्थानीय स्तर पर मंगलेश्वर पहाड़ी के नाम से भी जाना जाता है। यह पहाड़ कैमूर पर्वत श्रृंखला का हिस्सा है और इसके शीर्ष पर प्रसिद्ध मंगलेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। इस पहाड़ी के शीर्ष से सोन नदी, चोपन शहर और आस-पास की हरी-भरी घाटियों का विहंगम दृश्य दिखाई देता है, जो पर्यटकों को आकर्षित करता है।

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    यहां का रास्ता काफी पथरीला और रोमांचक है, जो ट्रैकिंग और प्रकृति प्रेमियों के लिए सोनभद्र की सबसे पसंदीदा जगहों में से एक बनाता है। इस पहाड़ पर एक सुंदर सेल्फी पॉइंट भी है, जहां से शाम के समय सूर्यास्त का दृश्य बहुत ही दिव्य लगता है। इसके अलावा, सोनभद्र जिले में कुछ अन्य ऊंचे और प्रसिद्ध पर्वत स्थल भी हैं, जैसे जिला मुख्यालय के पास स्थित मारकुंडी पहाड़ी और लगभग 1850 फीट की ऊंचाई पर स्थित प्राकृतिक ओम पर्वत।

    खोड़वा पहाड़ की विशेषता यह है कि यह मानसून के दौरान अपने अद्वितीय रूप में नजर आता है। जब बादल इस पहाड़ के चारों ओर मंडराते हैं, तो यह एक जादुई अनुभव प्रदान करता है। यहां आने वाले पर्यटक इस अद्भुत दृश्य का आनंद लेते हैं और इसे अपने कैमरे में कैद करने का प्रयास करते हैं।

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    इस पहाड़ की ऊंचाई और प्राकृतिक सौंदर्य इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाते हैं। यहां की हरियाली, पहाड़ी नदियां और शांत वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसके अलावा, स्थानीय लोग भी इस पहाड़ की महत्ता को समझते हैं और इसे अपनी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा मानते हैं।

    खोड़वा पहाड़ न केवल एक प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक है, बल्कि यह सोनभद्र की सांस्कृतिक धरोहर का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मानसून के दौरान इसकी विशेषता इसे और भी आकर्षक बनाती है, जिससे यह क्षेत्र के लोगों और पर्यटकों के लिए एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है।

    इस पहाड़ की यात्रा करने वाले लोग न केवल इसकी ऊंचाई का अनुभव करते हैं, बल्कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता और शांति का भी आनंद लेते हैं। खोड़वा पहाड़ सोनभद्र का एक अनमोल पर्यटन का खजाना है, जो हर मौसम में अपनी विशेषताओं के लिए जाना जाता है।

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