स्मार्ट मीटर बना बिजली उपभोक्ताओं का सिरदर्द, दो यूनिट की खपत पर आया 2000 रुपये का बिल
पिंडरा में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अनाप-सनाप बिलों से परेशानी हो रही है। दो यूनिट खपत पर भी ₹2000 का बिल आ रहा है, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं। ...और पढ़ें
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AI जेनेरेटेड फोटो।

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जागरण संवाददाता, पिंडरा। गांवों में स्मार्ट मीटर के अनाप-सनाप बिल को उपभोक्ताओं की परेशानिया बढ़ गई है। सरकार स्मार्ट मीटर से होने वाली समस्याओं के समाधान के सख्त निर्देश दे चुकी हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। अधिकारियों की मनमानी के चलते उपभोक्ताओं का शोषण जारी है और जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।
थाना गांव निवासी अंजनी पांडेय व मानापुर पिंडरा के संतोष बेनबंशी जैसे सैकड़ो उपभोक्ता बेहद परेशान है। अश्विनी पांडेय ने बताया कि कि करीब दो माह पूर्व खालिसपुर स्थित उनकी दुकान में जबरन स्मार्ट मीटर लगा दिया गया।
हैरानी की बात यह है कि मड़ाई के चलते अधिकतर दुकान बंद रहने मीटर में पूरे महीने में मात्र दो यूनिट खपत दिखाई दे रही है, जबकि बिल दो हजार रुपये का थमा दिया गया।
पीड़ित ने इसका वीडियो बनाकर अधिकारियों को भेजा, शिकायत भी की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मार्च माह में भी दो हजार रुपये का बिल आया था। बिल सुधार के लिए लगातार चक्कर लगाने के बावजूद राहत नहीं मिली, उल्टा मंगलवार को उनकी बिजली आपूर्ति ही काट दी गई।
इसी पर संतोष बेनबंशी ने बताया कि 4 हजार बकाए के चलते कनेक्शन कट गया फिर भी बिजली का बिल बढ़कर 5 हजार आ गया। उपभोक्ता का आरोप है कि कोई भी अधिकारी उनकी फरियाद सुनने को तैयार नहीं है।
इस संबंध में एसडीओ प्रशांत शुक्ला ने कहा कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल रही है। विद्युत विछेदन के बाद स्मार्ट मीटर का किराया लगभग 10 रुपये प्रतिदिन आता है जिसका बिल बढ़ जाता है।
शिकायत मिलने पर जांच कर उपभोक्ताओं की समस्याओं का पूरा प्रयास कर संतुष्ट किया जा रहा है। इसके लिए जल्द ही जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
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