बागेश्वर के खारबगड़ में भूस्खलन का कहर, घरों में घुसा मलबा, ग्रामीण भयभीत
बागेश्वर के खारबगड़ गांव में भारी बारिश के कारण पहाड़ी दरकने से घरों में मलबा घुस रहा है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। ...और पढ़ें

पूर्व सैनिकों के गांव में भारी बारिश से बढ़ा खतरा, दहशत में ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार। जागरण

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, बागेश्वर । कपकोट तहसील का खारबगड़ गांव एक बार फिर भूस्खलन की चपेट में आ रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गांव के ऊपर की पहाड़ी दरकने लगी है।
पहाड़ी से आए मलबे ने कई घरों में प्रवेश कर लिया है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। पूरे गांव में भय का माहौल है और लोग किसी बड़े हादसे की आशंका से दहशत में हैं।
पहाड़ी से सीधे घरों तक पहुंच रहा मलबा
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। कई परिवार पूरी रात जागकर गुजार रहे हैं। लोगों को अपने घरों में रहना भी असुरक्षित लगने लगा है। ग्रामीण एसएस बड़ती ने बताया कि गांव के लोग लगातार डर के साये में जी रहे हैं। दरकती पहाड़ी से मलबा सीधे घरों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने शासन-प्रशासन से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और गांव का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
वर्षों से भूस्खलन की मार झेल रहा है गांव
खारबगड़ गांव का भूस्खलन का संकट नया नहीं है। यह गांव लंबे समय से भू-कटाव और भूस्खलन की चपेट में है तथा यहां रहने वाले कई पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों ने बार-बार सुरक्षित स्थान पर विस्थापन की मांग उठाई है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और आपदा प्रबंधन विभाग से गांव का तत्काल निरीक्षण कराने, प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने, दरकती पहाड़ी का भू-वैज्ञानिक सर्वे कराने और स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू करने की मांग की है।
उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो लगातार हो रही बारिश के बीच बड़ा हादसा हो सकता है। इधर, उपजिलाधिकारी अनिल चन्याल ने कहा कि गांव का निरीक्षण किया जाएगा।
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