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    बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, 16 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए अखंड ज्योति के दर्शन

    Updated: Thu, 23 Apr 2026 07:48 PM (GMT+05:30)

    बदरीनाथ धाम के कपाट गुरुवार सुबह 6:15 बजे 16 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति में खोले गए, जिससे चारधाम यात्रा पूर्ण हो गई। प्रधानमंत्री मोदी के न ...और पढ़ें

    चमोली स्थित विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम को कपाट गुरुवार को खोल दिए गए। पहले दिन 16 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए।

    चमोली स्थित विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम को कपाट गुरुवार को खोल दिए गए। पहले दिन 16 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए।

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    संवाद सहयोगी, बदरीनाथ (चमोली)। आस्था एवं उल्लास के बीच भगवान बदरी नारायण गुरुवार को गर्भगृह स्थित बदरीश पंचायत में विराजमान हो गए।

    सेना के गढ़वाल स्काउट बैंड की मधुर लहरियों के बीच देश-विदेश से पहुंचे 16 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की मौजूदगी में 25 क्विंटल फूलों से सजे भू-वैकुंठ बदरीनाथ धाम के कपाट सुबह 6:15 बजे खोले गए।

    मंदिर में पहली महाभिषेक पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से हुई। पूजा के यजमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी थे।

    Jai Badri vishal

    इसके बाद अखंड ज्योति के दर्शन को आस्था का जनसमुद्र उमड़ पड़ा। इसी के साथ उत्तराखंड हिमालय की चारधाम यात्रा ने पूर्णता प्राप्त कर ली।

    केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खोले जा चुके हैं। वहीं, परंपरा के अनुसार बदरीनाथ धाम के साथ ही जोशीमठ-नीती हाईवे पर सुभांई गांव में स्थित भविष्य बदरी धाम के कपाट भी खोल दिए गए।

    धाम के कपाट खोलने की प्रक्रिया सुबह 4:30 बजे शुरू हुई और फिर भगवान के प्रतिनिधि उद्धवजी रावल निवास व देवताओं के खजांची कुबेरजी बामणी गांव से मंदिर परिसर पहुंचे।

    इसके बाद रावल अमरनाथ नंबूदरी ने भगवान बदरी विशाल को ओढ़ाये गए घृत कंबल को हटाया और माता लक्ष्मी के विग्रह को गर्भगृह से बाहर लाकर परिक्रमा स्थल स्थित उनके मूल मंदिर में प्रतिष्ठित करने के साथ उद्धवजी व कुबेरजी के विग्रह को बदरीश पंचायत में विराजमान किया।

    chamoli village women

    ठीक 5:30 बजे द्वार पूजा शुरू हुई और फिर तय मुहूर्त पर मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।

    सबसे पहले रावल के साथ मुख्यमंत्री धामी ने गर्भगृह में प्रवेश किया और महाभिषेक पूजा संपन्न कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने भी तीर्थ यात्रियों को शुभकामनाएं दीं।

    लोकरंग की बिखरी छटा, जागरों पर झूमी बदरीशपुरी

    कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक मौके पर पर जागर गायिका पद्मश्री बसंती बिष्ट ने पारंपरिक जागरों की प्रस्तुति दी, जबकि माणा व बामणी गांव की महिलाओं ने मंदिर प्रांगण में झुमैलो नृत्य की छटा बिखेरी।

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    इससे संपूर्ण बदरीशपुरी आस्था एवं लोक के रंग में डूब गई। श्रद्धालुओं भजन-कीर्तन की प्रस्तुति देकर भक्ति की सरिता प्रवाहित की।

    चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है। श्रद्धालुओं से अपेक्षा है कि वह हरित एवं स्वच्छ चारधाम यात्रा में सहयोग करेंगे।
    पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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