बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी मामला: SIT की बड़ी कार्रवाई, पूर्व टेंपल ऑफिसर गिरफ्तार
बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में एसआइटी ने बदरी-केदार समिति के सेवानिवृत्त मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार किया। ...और पढ़ें

चमोली के बदरीनाथ थाने में चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार सेवानिवृत्ति मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान (बायें से तीसरे)। फोटो- साभार-एसआइटी
HighLights
सेवानिवृत्त मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान गिरफ्तार
चढ़ावा चोरी मामले में यह दूसरी गिरफ्तारी
सीसीटीवी फुटेज में हेराफेरी करते दिखे चौहान
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर(चमोली)। बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी मामले में एसआइटी ने एक और गिरफ्तारी की है।
एसआइटी ने शुक्रवार को चार घंटे की पूछताछ के बाद बदरी-केदार समिति (बीकेटीसी) के सेवानिवृत्त मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया। उसे शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इस मामले में यह दूसरी गिरफ्तारी है। चौहान सेवानिवृत्त के एक दिन पहले तक चढ़ावे व सोने-चांदी के उपहारों की चोरी व हेराफेरी में संलिप्त पाया गया। बीते 30 जून को सेवानिवृत्त हुए चौहान पर थाली भेंट गणना प्रभारी का जिम्मा भी था।
इससे पहले 12 जुलाई को निलंबित वैयक्तिक अधिकारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
खजांची संदेश मेहता को पद से हटाया जा चुका है। अब भी चार से पांच कर्मचारी संदेह के घेरे में हैं। उनसे भी जल्द पूछताछ की जाएगी।
एसपी चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि राजेंद्र चौहान को ज्योतिर्मठ से हिरासत में लेकर बदरीनाथ थाने में पूछताछ की गई।
बताया कि गणना की 22, 25 व 29 जून की सीवीटीवी फुटेज खंगाली गई तो उसमें वैयक्तिक सहायक नौटियाल के साथ मंदिर अधिकारी चौहान भी नोटों के बंडल व अन्य दान सामग्री जेब में डालते दिख रहा है।
पूछताछ में चौहान ने बताया कि वह नौटियाल के कहने पर ही हेराफेरी करता था। इसलिए मामले में आपराधिक साजिश की धारा भी जोड़ दी गई है।
एसआइटी को बीकेटीसी ने 13 दिन की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराई है, जबकि शेष 32 दिन की फुटेज गायब है। मंदिर समिति का तर्क है कि तकनीकी कारणों से यह फुटेज गायब हुई।
इसलिए एसआइटी 45 दिन की डीवीआर कब्जे में लेकर विशेषज्ञों की मदद से गायब फुटेज को रिवकर करने में जुटी हुई है।
गायब फुटेज के रिकवर होने से मामले में कई राज खुल सकते हैं। दो जुलाई को भैरव सेना की शिकायत के बाद चढ़ावा चोरी मामले में मंदिर समिति ने जांच शुरू की थी।
तीन स्तर पर चल रही प्रकरण की जांच
चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण की तीन स्तर पर जांच चल रही है। विभागीय स्तर पर मंदिर समिति, पुलिस में दर्ज मामले की जांच एसआइटी और व्यवस्थागत मामलों की जांच गढ़वाल कमिश्नर की अगुआई में चल रही है। मंदिर समिति अपनी रिपोर्ट अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को सौंप चुकी है।