बदरीनाथ धाम चढ़ावा घोटाला: गढ़वाल कमिश्नर ने शुरू की जांच, सीसीटीवी फुटेज खंगाले
बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी मामले में गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति ने जांच शुरू कर दी है। ...और पढ़ें

धाम में गणना की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए बीकेटीसी को दिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव. Jagran

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संवाद सहयोगी, गोपेश्वर। दान-चढ़ावे की हेराफेरी मामले में शासन स्तर से गठित गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में वाली तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति ने बदरीनाथ धाम पहुंचकर अपनी जांच शुरू कर दी।
कमिश्नर ने मंगलवार को बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) का गणना रिकार्ड और 25 जून से दो जुलाई तक के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ गणना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने गणना प्रक्रिया जानने के साथ कार्मिकों के बयान भी लिए।
उन्होंने एसआइटी प्रभारी एवं डीएसपी मदन बिष्ट व बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ से भी अब तक की कार्रवाई व प्रगति की जानकारी ली।
गणना कक्ष का जायजा भी लिया
जांच समिति ने सुबह मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण कर गणना कक्ष का जायजा भी लिया। लगभग एक घंटे तक उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखे और गणना रजिस्टर समेत अन्य संबंधित दस्तावेज का गहन अवलोकन किया। उन्होंने मंदिर के सभी 26 दानपात्रों की स्थिति भी देखी और मंदिर समिति की जांच रिपोर्ट का अध्ययन किया।
इस दौरान जांच टीम ने दान-चढावा गणना को पारदर्शी बनाने के लिए कुछ सुझाव दिए और गणना में शामिल कार्मिकों समेत अन्य गणकों की मुख्य द्वार पर ही गहनता से चेकिंग कराने को कहा। कहा कि गणना के दौरान गीले नोटों को सुखाने के लिए भी मशीन की व्यवस्था की जाए। अब तक नोट सुखाने के लिए उन्हें गणना स्थल के पास ही फैलाकर रखा जाता रहा है।
कमिश्नर ने गणना कक्ष में दानपात्र लाने और उन्हें खाली करने के दौरान मौके पर सुरक्षा अधिकारी की तैनाती का भी सुझाव दिया। जांच टीम ने आम नागरिेकों व हक-हकूकधारियों के साथ पंडा-पुरोहितों से भी मंदिर में व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सुझाव मांगे।
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कहा कि गणना स्थल पर अधिकारियों-कर्मचारियों समेत अन्य का प्रवेश बिना जेब के वस्त्र पहनकर ही हो। कमिश्नर के अनुसार जांच पूरी होने के बाद मामले में तस्वीर साफ हो पाएगी।
जांच टीम के सदस्य एवं एनएचएम के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी ने बताया कि समिति ने गिरफ्तार वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल का भी संज्ञान लिया है। आगे की जांच में शिकायतकर्ता के आम नागरिकों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। साथ ही सीसीटीवी फुटेज रिकवर करने के लिए फारेंसिक व साइबर सेल के तकनीकी विशेषज्ञों की राय ली जाएगी।
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