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    बदरीनाथ धाम: मंदिर समिति की फाइलों में ही उग रहे हैं चंदन के 2400 पेड़

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 10:38 PM (GMT+05:30)

    बदरीनाथ धाम में भगवान नारायण के अभिषेक के लिए चंदन की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद कर्नाटक में चंदन वाटिका लगाने की सात साल पुरानी योजना फिर चर्चा में ...और पढ़ें

    बदरीनाथ धाम।

    बदरीनाथ धाम।

    HighLights

    1. बदरीनाथ में चंदन की गुणवत्ता पर उठे सवाल

    2. कर्नाटक में चंदन वाटिका लगाने की योजना अटकी

    3. सात साल में 2400 चंदन पौधे नहीं लग पाए

    देवेंद्र रावत, गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ धाम में भगवान नारायण के अभिषेक में प्रयुक्त होने वाले चंदन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।

    इसके समाधान के लिए कर्नाटक में बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से कर्नाटक में चंदन वाटिका लगाने की कार्ययोजना तैयार की गई।

    मंदिर समिति के पदाधिकारी व अधिकारी इस कार्ययोजना को लेकर कर्नाटक के दौरे पर भी रहे, लेकिन सात सालों में यह कार्ययोजना जमीन पर नहीं उतर पाई है।

    उत्तराखंड राज्य निर्माण के बाद से ही मंदिर समिति चंदन खरीद में घोटाले के आरोप लगते रहे हैं। इसके लिए जांच भी बैठाई गई, लेकिन नतीजा क्या निकला, यह आज तक किसी को मालूम नहीं पड़ा। बदरीनाथ धाम में चंदन पूजा परंपरा का प्रमुख हिस्सा है।

    यात्रा सीजन के दौरान भगवान नारायण के अभिषेक में पांच क्विंटल से अधिक चंदन लगता है। दिसंबर 2019 में देश के एक प्रमुख उद्योगपति ने मंदिर समिति से चंदन की खेती करने का आग्रह करते हुए इसके लिए दान की इच्छा जताई थी।

    तब चंदन की खेती के लिए दक्षिण भारत के प्रदेशों में जमीन तलाशी गई। विशेषज्ञों ने सबसे बढ़िया चंदन कर्नाटक के शिमोगा जिले के शिकारीपुरा क्षेत्र में होना बताया था। यहां का मौसम चंदन की खेती के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इसके बाद चंदन वाटिका के लिए कार्ययोजना भी तैयार हो गई।

    जनवरी 2020 के प्रथम सप्ताह में बीकेटीसी के तत्कालीन अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह व अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी शिकारीपुरा पहुंचे। यहां पर चार हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर चंदन वाटिका को अंतिम रूप दिया गया।

    इस भूमि पर चंदन के 2,400 पौधे लगने थे। चंदन वाटिका के साथ इस पर आने वाला खर्च दान में मिली धनराशि से होना था, लेकिन यह कार्ययोजना आज तक धरातल पर नहीं उतर पाई है। जबकि कर्नाटक स्थित भूमि स्वामियों की ओर से मंदिर समिति से कई बार संपर्क किया जा चुका है।

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    चंदन की गुणवत्ता पर सवाल उठने से वाटिका फिर चर्चा में

    बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी की ओर से भगवान नारायण के अभिषेक में प्रयुक्त होने वाले चंदन की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाने के बाद कर्नाटक में लगने वाली चंदन वाटिका फिर चर्चाओं में आ गई है।

    कहा जा रहा कि अगर यह कार्ययोजना अमल में आ गई होती तो मंदिर समिति को अपनी ही वाटिका से भगवान नारायण के अभिषेक को उच्च गुणवत्ता का चंदन उपलब्ध हो रहा होता।

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