Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बदरीनाथ में भगवान बदरी विशाल की निर्वाण दर्शन के दावे का वीडियो वायरल, जांच के बाद प्रशासन करेगा कार्रवाई

    Updated: Fri, 24 Apr 2026 07:44 PM (IST)

    बदरीनाथ धाम में भगवान बदरीनाथ की मूर्ति का एक वीडियो-फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे 'निर्वाण दर्शन' या 2026 का बताया जा रहा है। ...और पढ़ें

    23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कापट खोल दिए गए।

    23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कापट खोल दिए गए।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    संवाद सहयोगी, गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ धाम में यात्रा शुरू होने के बाद भगवान बदरीनाथ की मूर्ति की फोटो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रही है।

    हालांकि यह फोटो कब की है यह साफ नहीं है, लेकिन इसे 2026 की होने का दावा कर इंटरनेट मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। नियमानुसार बदरीनाथ भगवान की मूर्ति की फोटो खींचना प्रतिबंधित है।

    जिलाधिकारी ने कहा कि अभी यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। मंदिर समिति से इसकी जानकारी लेते हुए कार्रवाई की जाएगी।

    कपाट खुलने के बाद दोपहर तक भगवान नारायण के बिना शृंगार के निर्वाण दर्शन होते हैं। दोपहर बाद महाभिषेक के बाद मुख्य पुजारी रावल द्वारा नारायण का शृंगार किया जाता है।

    बताया गया कि जो फोटो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। उसे 2026 के बदरीनाथ धाम के निर्वाण दर्शन का दावा किया जा रहा है।

    यह वीडियो 30 सेकेंड का है। इस वीडियो को लेकर यूजर द्वारा बदरीनाथ भगवान की मूर्ति होने का दावा किया गया है। हालांकि वीडियो की अधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि यह वीडियो कब और कहां का है।

    भगवान बदरी विशाल के मंदिर के अंदर मूर्ति की वीडियो व फोटो पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे में इस कथित वीडियो के सामने आने से लोगों में आक्रोश है।

    बदरीनाथ के पूर्व धर्माधिकारी भुवनचंद्र उनियाल का कहना है कि भगवान नारायण की फोटो व वीडियो बनाना व उसे सार्वजनिक करना परंपराओं के विपरीत है। कहा कि संबंधित वीडियो व फोटो की सत्यता को लेकर कार्रवाई की जानी चाहिए।

    क्या कहते हैं अधिकारी

    यात्री सुविधाओं के साथ सुगम दर्शनों को लेकर मंदिर समिति द्वारा कारगर कदम उठाए गए हैं। लेकिन कुछ लोग इंटरनेट मीडिया के माध्यम से दुष्प्रचार में जुटे हैं। केदारनाथ व बदरीनाथ के कपाट एक दिन के अंतराल में खुले हैं। यात्री लगातार मंदिरों में दर्शनों को पहुंच रहे हैं। जिन लोगों द्वारा यात्री व्यवस्थाओं को लेकर भ्रामक बातें इटरनेट मीडिया के माध्यम से फैलाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
    -हेमंत द्विवेदी, अध्यक्ष बीकेटीसी

    यह भी पढ़ें- केदारनाथ मार्ग पर मुस्लिम व्यक्ति के पहुंचने पर तीर्थयात्रियों ने उठाए सवाल, पूछताछ का वीडियो हो रहा है वायरल

    यह भी पढ़ें- केदारनाथ धाम में हार्ट अटैक से गुजरात के यात्री की मौत, हेलीकॉप्टर से जिला हॉस्पिटल भेजा गया शव