चमोली सुरंग हादसा: नौ की मौत... छह अभी भी लापता, दलदल और पानी होने से रुका रेस्क्यू ऑपरेशन
चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर बन रही विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में भूस्खलन से नौ श्रमिकों की मौत हो गई और 13 घायल हो गए।

विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भारी भूस्खलन। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर बन रही विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भारी भूस्खलन की चपेट में आकर वहां काम कर रहे नौ श्रमिकों की मौत हो गई। छह अन्य श्रमिकों की तलाश जारी है। 10 घायल जिला अस्पताल गोपेश्वर, एक श्रीनगर और एक पीपल कोटी में भर्ती है। एक घायल को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
वहीं सुरंग के अंदर ऑक्सीजन की कमी के कारण राहत-बचाव अभियान रोक दिया गया है। शुक्रवार की सुबह दोबारा किया जाएगा। एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट आलोक जायरा ने कहा लगातार ऑपरेशन जारी रहेगा। वहीं, दलदल और पानी होने से ऑपरेशन रात्रि के लिए स्थगित किया है।
अब तक 22 श्रमिक सुरंग से निकाले जा चुके हैं और बाकी अंदर फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए रेस्क्यू चल रहा है। घटना गुरुवार शाम पौन सात बजे के आसपास हुई। इस दौरान 28 से अधिक श्रमिक सुरंग में काम कर रहे थे। ज्यादातर श्रमिक बिहार, झारखंड व छत्तीसगढ़ के बताए जा रहे हैं।
सुरंग में 1.8 किमी भीतर हुआ हादसा
टीएचडीसी-एनटीपीसी की ओर बनाई जा रही 444 मेगावाट की इस परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। बताया गया कि परियोजना की इस 3.5 किमी लंबी सुरंग में 1.8 किमी भीतर यह हादसा हुआ। तब सुरंग में ग्रेविटी पर पैकिंग का कार्य चल रहा है।
बताया गया कि इस दौरान अंदर जोरदार धमाका हुआ और पानी के साथ भारी मलबा सुरंग में भरने लगा। इससे वहां मौजूद लोगों में
अफरातफरी मच गई और सुंरग के अंदर से चीख-पुकार गूंजने लगी।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि निर्माण कंपनी एचसीसी के अधिकारियों से सूचना मिलते ही कुछ ही देर में रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। बताया कि सुरंग से अब तक 22 श्रमिक निकाले जा चुके हैं। 11 घायलों को गोपेश्वर जिला अस्पताल लाया गया है। नौ की मौत हो गई है।
जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आइटीबीपी व सेना समेत अन्य टीम मौके पर मौजूद हैं और और शेष लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान जारी है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर भेज दी गई हैं। जिला प्रशासन समेत संबंधित एजेंसियों को त्वरित राहत एवं बचाव कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरंग में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना हमारी प्राथमिकता है। मैं स्वयं स्थिति पर नजर रखे हुए हूं और आवश्यकतानुसार हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। - पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
दिल्ली से मौके पर पहुंचेगी तकनीकी टीम
विष्णुगाड़ पीपल कोटी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में हादसा होने के बाद टीएचडीसी मुख्यालय में हड़कंप मचा है। शुक्रवार को टीएचडीसी के सीएमडी सिपन कुमार गर्ग के साथ एक तकनीकी टीम दिल्ली से मौके पर पहुंचेगी। मजदूरों के साथ कुछ टीएचडीसी के कर्मचारी के भी अंदर फंसने की आशंका है।
देर रात पत्रकार वार्ता में टीएचडीसी के प्रोजेक्ट निदेशक शरद कुमार ने बताया कि पहली प्राथमिकता सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके लिए सभी संसाधनों को पूरी तरह से लगाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी और घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी। बताया की पानी अधिक आने के कारण मलबा आया।
प्रोजेक्ट की मैनेजमेंट टीम भी राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तरह जुटी हुई है और प्रशासन के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। राहत कार्य तब तक जारी रहेगा जब तक सभी लोगों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता। बताया कि सुरंग के अंदर कुछ टीएचडीसी के लोग हो सकते हैं।
शुक्रवार सुबह सीएमडी सहित एक तकनीकी टीम जाएगी। सीजीएम डा एएन त्रिपाठी ने बताया कि हालात पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाया जा रहा है।
यह भी पढ़ें- चमोली टनल हादसे का भयावह मंजर: धमाके के साथ आया भारी मलबा और सैलाब, जान बचाने को भागा हर कोई
यह भी पढ़ें- Chamoli Tunnel Accident Photos: चमोली में फिर मची चीख-पुकार, धंस गई टनल; फंसे कई मजदूर
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।