बदरीनाथ धाम के पास नदी की तरह बह रहा ग्लेशियर, लौट रहे कर्मचारियों ने इसे अपने मोबाइल में किया कैद
बदरीनाथ धाम क्षेत्र में दो दिन की बर्फबारी के बाद ग्लेशियरों की गतिविधि तेज हो गई है। कंचनगंगा के पास बदरीनाथ से एक किलोमीटर पहले ग्लेशियर नदी की तरह ...और पढ़ें
HighLights
बदरीनाथ धाम में ग्लेशियरों की गतिविधि हुई तेज
कंचनगंगा के पास ग्लेशियर नदी की तरह बह रहा
सड़क बाधित होने से कर्मचारियों को लौटना पड़ा
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर (चमोली)। दो दिन से जारी बर्फबारी के बाद बदरीनाथ धाम क्षेत्र में ग्लेशियरों की गतिविधि तेज हो गई है। धाम में मास्टर प्लान के तहत कार्य कर रहे कर्मचारियों ने इसे अपने मोबाइल फोन में कैद किया।
कंचनगंगा के पास बदरीनाथ से करीब एक किलोमीटर पहले ग्लेशियर नदी की तरह बहता नजर आ रहा है, जिससे खतरा बढ़ गया है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह पहाड़ से बर्फ खिसककर सड़क की ओर आ रही है।

इसी मार्ग से बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत कार्य कर रहे कर्मचारी गुजर रहे थे, लेकिन रास्ता बाधित होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।
स्थिति को देखते हुए सभी कर्मचारी सुरक्षित रूप से बदरीनाथ धाम लौट आए हैं। क्षेत्र में लगातार बर्फबारी जारी है और अब तक करीब तीन फीट बर्फ जम चुकी है, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

बदरीनाथ-केदारनाथ में बर्फबारी
उत्तराखंड के बदरीनाथ और केदारनाथ धाम सहित आसपास की चोटियों में लगातार दूसरे दिन भारी बर्फबारी हुई। बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के 200 से अधिक कर्मचारी और श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
कचनगंगा से आगे हाईवे बंद हो गया है और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। तापमान में गिरावट के चलते ठंड और बढ़ गई है।
केदारनाथ में लगभग एक फीट और बदरीनाथ में 3 फीट बर्फ जमी है। निचले इलाकों में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
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