चकराता विंटर कार्निवाल में जौनसारी संस्कृति के रंग, पर्यटकों ने उठाया लुत्फ
चकराता में पहले विंटर कार्निवाल का भव्य शुभारंभ जौनसार बावर की समृद्ध जनजातीय लोक संस्कृति के साथ हुआ। पारंपरिक झांकियों, लोकगीतों और नृत्यों ने पर्यट ...और पढ़ें

चकराता में विंटर कार्निवाल में जौनसारी संस्कृति से जुड़े पारंपरिक वाद्य यंत्रों की प्रस्तुति देते कलाकार। जागरण

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संवाद सूत्र, चकराता। पर्यटन स्थल चकराता में गुरुवार को पहले विंटर कार्निवाल का भव्य शुभारंभ जौनसार बावर की समृद्ध जनजातीय लोक संस्कृति के साथ हुआ। छावनी बाजार क्षेत्र पूरे दिन सांस्कृतिक रंगों में सराबोर रहा। कार्निवाल के पहले दिन पारंपरिक झांकियों, लोकगीतों और लोकनृत्यों ने पर्यटकों व स्थानीय लोगों को मंत्रमुग्ध किए रखा।
कार्यक्रम की शुरुआत जौनसार-बावर की पौराणिक और पारंपरिक लोक परंपराओं के प्रदर्शन से हुई। क्षेत्र की विशेष सांस्कृतिक पहचान बूढ़ी दिवाली की झलक भी प्रस्तुत की गई, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों ने बुढ़ीयात नृत्य कर वातावरण को जीवंत बना दिया।
प्रसिद्ध रंगकर्मी डा. नंद लाल भारती के नेतृत्व में लोक कला मंच चकराता के कलाकारों ने मंचीय प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कलाकारों ने ठोड़ा नृत्य, हारूल, परात नृत्य तथा जंगबाजी जैसे वीरता और परंपरा से जुड़े नृत्यों का शानदार प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों ने जौनसार की वीर गाथाओं और सांस्कृतिक विरासत को सजीव कर दिया।
कार्निवाल स्थल पर स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों के स्टाल भी आकर्षण का केंद्र रहे। विभिन्न स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय महिलाओं ने मोटे अनाजों से बने पारंपरिक व्यंजन तैयार कर जौनसार के स्वाद से पर्यटकों को परिचित कराया।
लोगों ने अस्के, उलवे, पिनवे, मशाडा भात, लाल चावल-राजमा, सत्तू छाछ, कंडाली की सब्जी, मड़वे की रोटी, सुसुवे का साग, आजे, सेल रोटी, रागी की नमकीन और रागी लड्डू जैसे व्यंजनों का भरपूर आनंद लिया।
इसके अलावा स्थानीय उत्पादों के स्टाल पर पहाड़ी नमक, राजमा, कुलथ दाल, लाल चावल सहित पारंपरिक परिधान घाघरा, जघा, डांटू, चोड़ा, जुड़ा और देवदार की लकड़ी से बनी हस्तशिल्प सामग्री भी प्रदर्शित की गई।
विंटर कार्निवाल के पहले दिन उमड़ी भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि चकराता अब पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।
आयोजन ने न केवल स्थानीय संस्कृति को बड़ा मंच दिया, बल्कि ग्रामीण उत्पादों और महिला समूहों को भी प्रोत्साहन किया। आने वाले दिनों में भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी।
इस मौके पर संयुक्त मजिस्ट्रेट चकराता डा हर्षिता सिंह, मुख्य अधिशासी अधिकारी छावनी परिषद चकराता रिपु दमन, मनोनीत सदस्य अनिल चांदना, व्यापार मंडल अध्यक्ष केशर सिंह चौहान, दिगंबर सिंह चौहान, अमित जोशी, वीरेंद्र जोशी, नीतू चौहान, कमल रावत, अंकित तोमर, राजवीर राठौर, प्रशांत जोशी, पीयूष जोशी, दिनेश चांदना आदि मौजूद रहे।
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छावनी परिषद के अध्यक्ष ने भी देखा कार्निवाल : थापा
चकराता। चकराता कार्निवल में पहुंचे छावनी परिषद के अध्यक्ष ब्रिगेडियर धीरज थापा ने कहा कि छावनीवासी प्रथम विंटर कार्निवाल का आयोजन कर सराहनीय कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि यह विंटर कार्निवाल चकराता के पर्यटन को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि छावनी परिषद हर तरह से कार्निवाल में सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि कार्निवाल के माध्यम से यहां व्यवसाय तो बढेगा और यहां की लोक संस्कृति का भी प्रचार प्रसार होगा।