चारधाम यात्रा आपदा प्रबंधन: 10 अप्रैल को देहरादून में होगी मॉक ड्रिल, तैयारियां तेज
चारधाम यात्रा-2026 के लिए देहरादून में आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज हो गई हैं। 10 अप्रैल को व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। ...और पढ़ें
HighLights
10 अप्रैल को चारधाम यात्रा आपदा मॉक ड्रिल
देहरादून जिला 9 जोन, 23 सेक्टर में विभाजित
जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान, राहत-बचाव मजबूत
जागरण संवाददाता, देहरादून। चारधाम यात्रा-2026 के दौरान संभावित आपदा व आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा मार्गों पर जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर राहत एवं बचाव व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में कल शुक्रवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के तत्वावधान में आयाेजित बैठक में विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक में अधिकारियों ने 10 अप्रैल को प्रस्तावित व्यापक मॉक ड्रिल को लेकर रणनीति स्पष्ट की। कहा गया कि चारधाम यात्रा के दौरान किसी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए संसाधनों का सटीक आकलन और विभागों के बीच समन्वय जरूरी है। विशेषज्ञों ने संवेदनशील क्षेत्रों की जीआईएस मैपिंग कराने, उपलब्ध संसाधन को चिह्नित करने और इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम के तहत सभी जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट रखने के निर्देश दिए। ड्रोन सर्वेक्षण और हेली सेवाओं के लिए पूर्व अनुमति एवं समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
सड़क से लेकर सुरक्षा तक सभी एजेंसियां अलर्ट पर
यात्रा मार्गों को सुचारु रखने के लिए एनएचएआई, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग और बीआरओ को संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त मशीनरी व मानव संसाधन तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। सेना, आइटीबीपी, एसएसबी, वायुसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड, पीआरडी और जनपद स्तरीय क्यूआरटी को भी अपने संसाधनों सहित सक्रिय रहने को कहा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि चारों धाम उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित होने के कारण मानसून के दौरान अतिवृष्टि, भूस्खलन, बादल फटने व प्रतिकूल मौसम का खतरा बना रहता है। ऐसे में राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक सभी एजेंसियों के बीच त्वरित समन्वय अनिवार्य है।
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जिले में पंजीकरण, पार्किंग और स्वास्थ्य सेवाओं की अलग निगरानी
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा ने बताया कि जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर दून जिले को नौ जोन व 23 सेक्टर में विभाजित कर जोनल एवं सेक्टर अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। जिले में आनलाइन व आफलाइन पंजीकरण, परिवहन, पार्किंग, पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, अस्थायी आवास, होटल व्यवस्था, खाद्य सामग्री के मूल्य निर्धारण, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए पृथक व्यवस्थाएं की गई हैं।
बैठक में एसडीएम कुमकुम जोशी व योगेश मेहरा, क्षेत्राधिकारी पुलिस जगदीश पंत, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढौंडियाल, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अंकुश पांडेय समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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