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    देहरादून: एक्सप्रेसवे की खतरनाक ढलान पर अब नहीं दौड़ेगी 'मौत', प्रशासन ने तैयार किया सुरक्षा खाका

    Updated: Tue, 28 Apr 2026 03:44 PM (GMT+05:30)

    दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के आशारोड़ी से मोहब्बेवाला तक के ढलान वाले हिस्से पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा यो ...और पढ़ें

    दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर मोहब्बेवाला में दुर्घटना जोन का निरीक्षण करते परिवहन उपायुक्त शैलेश तिवारी, आरटीओ प्रवर्तन डा. अनीता चमोला व अन्य विभागों के अधिकारी। विभाग

    दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर मोहब्बेवाला में दुर्घटना जोन का निरीक्षण करते परिवहन उपायुक्त शैलेश तिवारी, आरटीओ प्रवर्तन डा. अनीता चमोला व अन्य विभागों के अधिकारी। विभाग

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    जागरण संवाददाता, देहरादून। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का आशारोड़ी से मोहब्बेवाला तक का ढलान वाला हिस्सा इन दिनों वाहनों के लिए ‘दौड़ती मौत’ साबित हो रहा है।

    एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद से इस हिस्से में भारी वाहनों के नियंत्रण खोने और दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं लगातार सामने आई हैं।

    करीब 3.5 किलोमीटर लंबा यह ढलानदार खंड तेज रफ्तार के कारण सबसे संवेदनशील है। लगातार दुर्घटना के बाद अब प्रशासन ने यहां रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए व्यापक सुरक्षा खाका तैयार किया है।

    उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी के नेतृत्व में परिवहन विभाग, पुलिस, एनएचएआइ, लोक निर्माण विभाग और सड़क सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त निरीक्षण कर पाया कि ढलान के कारण वाहन तेजी से गति पकड़ रहे हैं और नीचे आते-आते चालक नियंत्रण खो रहे हैं।

    खासकर भारी वाहन सबसे अधिक जोखिम पैदा कर रहे हैं। इसी कारण पूरे खंड में हर 25 मीटर पर ट्रैफिक काल्मिंग उपाय बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

    अब मौजूदा ट्रांसवर्स बार मार्किंग को और चौड़ा किया जाएगा। उनके बीच अतिरिक्त कैट-आई लगाए जाएंगे और कम से कम 14 नये ट्रांसवर्स बार विकसित किए जाएंगे, ताकि वाहन स्वतः गति कम करें। पुलिस बैरियर से संयुक्त चेकपोस्ट तक दोनों ओर स्पीड लिमिट बोर्ड भी लगाए जाएंगे।

    500 मीटर पहले ही मिलेगा रफ्तार का संकेत

    वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए चेकपोस्ट से लगभग 500 मीटर पहले स्पीड लिमिट वायलेशन डिस्प्ले सिस्टम लगाया जाएगा।

    इससे चालक अपनी गति देखकर पहले ही सतर्क हो सकेंगे। पूरे मार्ग पर बड़े चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।

    'मार्ग ढलानदार है, कृपया गति नियंत्रित रखें', 'अब आप आबादी क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं', '6 लेन से 4 लेन मार्ग में परिवर्तन' और 'वाहनों के बीच उचित दूरी रखें' जैसे संदेश चालक को लगातार सावधान करेंगे।

    रात में भी साफ दिखेंगे बैरियर

    निरीक्षण में पाया गया कि रात में बैरियर स्पष्ट न दिखने से भी जोखिम बढ़ता है। इसलिए चेकपोस्टों पर समस्त बैरियरों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाई जाएगी और पूरे मार्ग पर प्रकाश व ब्लिंकर की अतिरिक्त व्यवस्था होगी।

    मोहब्बेवाला में स्कूल के सामने भी बढ़ेगी सुरक्षा

    मोहब्बेवाला चौक के पास राजकीय प्राथमिक विद्यालय के सामने का मोड़ भी संवेदनशील पाया गया। यहां जो ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, उसकी जांच में पाया गया कि विद्युत विभाग का जंक्शन बाक्स दृश्यता बाधित कर रहा है।

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    इस स्थान पर स्पीड काल्मिंग, जेब्रा क्रासिंग, स्टाप लाइन, कन्वेक्स मिरर और स्कूल जोन संकेतक लगाए जाएंगे।

    चेकपोस्ट व्यवस्था में भी बदलाव

    चेकपोस्ट के सामने मौजूद मीडियन कट बंद कर उसे डाटकाली मंदिर की ओर अंडरपास अथवा अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की योजना है। साथ ही वाहनों के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग गेट बनाए जाएंगे, ताकि क्रास मूवमेंट कम हो। निरीक्षण में आरटीओ प्रवर्तन डा. अनीता चमोला, सहायक निदेशक लोनिवि संजय सिंह बिष्ट, सहायक निदेशक परिवहन विभाग नरेश संगल, सहायक निदेशक पुलिस विभाग अविनाश चौधरी, एनएचएआइ के प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित पंवार आदि शामिल रहे।

    निरीक्षण के प्रमुख बिंदु व सुझाव

    • 3.5 किमी ढलान सबसे खतरनाक खंड घोषित
    • हर 25 मीटर पर रंबल स्ट्रिप और मार्किंग बढ़ेगी
    • 500 मीटर पहले लगेगा स्पीड अलर्ट सिस्टम
    • मोहब्बेवाला स्कूल के सामने विशेष सुरक्षा इंतजाम
    • रात में बैरियर चमकेंगे, बढ़ेगी दृश्यता

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