Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    उत्तराखंड में अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों का खाका तैयार, 2027 से मिलेगी नियुक्ति

    Updated: Sat, 09 May 2026 06:00 AM (IST)

    उत्तराखंड सरकार 2027 में सेना से लौटने वाले अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में समायोजित करने की तैयारी में है। विभिन्न विभागों से रिक्त पदों का ब्योरा जु ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    राज्य ब्यूरो, देहरादून। प्रदेश में सेना से सेवा पूरी कर अगले वर्ष लौटने वाले अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में समायोजित करने की तैयारी तेज हो गई है।

    राज्य सरकार अब यह आकलन कर रही है कि वर्ष 2027 से सेना से वापस आने वाले अग्निवीरों को विभिन्न विभागों में कितने पदों पर नियुक्ति दी जा सकेगी। इसके लिए सभी विभागों से रिक्त और संभावित पदों का ब्योरा जुटाया जा रहा है।

    केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में अग्निपथ योजना के तहत युवाओं की सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती शुरू की थी। इस योजना के अंतर्गत युवाओं को चार वर्ष के लिए सेना में सेवा का अवसर दिया जा रहा है।

    सेवा अवधि पूरी होने के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना में स्थायी नियुक्ति मिलेगी, जबकि शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को अन्य क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

    केंद्र सरकार इस पर विशेष नजर रखे हुए है। केंद्र ने सभी राज्यों से इस संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है कि उन्होंने अग्निवीरों को सेवायोजित करने के लिए क्या कदम उठाए हैं और उनके लिए राज्यों में कितने पद रिक्त रह सकते हैं।

    यह माना जा रहा है कि सेना में प्रशिक्षित अग्निवीर अनुशासन, तकनीकी दक्षता और आपदा प्रबंधन जैसी क्षमताओं से लैस होंगे, जिसका लाभ विभिन्न सरकारी विभागों को भी मिलेगा।

    एक आकलन के अनुसार प्रदेश के 4,500 से अधिक युवा वर्तमान में सेना में अग्निवीर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। वर्ष 2027 में इनकी पहली खेप सेवा पूरी कर वापस लौटेगी।

    उत्तराखंड सरकार पहले ही अग्निवीरों को राज्य की सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय ले चुकी है।

    इसी क्रम में अब यह पता लगाया जा रहा है कि पुलिस, परिवहन, आपदा प्रबंधन, वन, होमगार्ड, कारागार और अन्य विभागों में आने वाले वर्षों में कितने पद उपलब्ध हो सकते हैं।

    अब केंद्र के निर्देशों के बाद शासन स्तर पर विभागवार आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया जारी है। सचिव गृह शैलेश बगौली का कहना है कि प्रदेश में अग्निवीरों के लिए आरक्षण पहले ही लागू किया जा चुका है। अब इस आरक्षण के सापेक्ष रिक्त पदों का आंकड़ा जुटाया जा रहा है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- अग्निवीर भर्ती में पूर्वांचल के युवाओं का दबदबा, राजधानी से आए सबसे कम आवेदन

    यह भी पढ़ें- Army Agniveer Admit Card Date: अग्निवीर भर्ती परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड इस डेट से कर सकेंगे डाउनलोड, परीक्षा 1 जून से