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    मसूरी राजमार्ग पर भूस्खलन को लेकर सरकार गंभीर: ULMC करेगा पानीवाला बैंड समेत 5 संवेदनशील जोन का वैज्ञानिक सर्वे

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 06:00 AM (IST)

    सरकार ने मसूरी राज्य राजमार्ग पर पानीवाला बैंड के पास हुए भूस्खलन को गंभीरता से लिया है, क्योंकि यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से संवेदनशील है। ...और पढ़ें

    दून-मसूरी मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास पहाड़ी काटकर यातायात को बहाल कराया गया। जागरण

    दून-मसूरी मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास पहाड़ी काटकर यातायात को बहाल कराया गया। जागरण

    HighLights

    1. पानीवाला बैंड भूस्खलन के बाद सरकार ने लिया संज्ञान

    2. मसूरी राजमार्ग पर कई भूस्खलन जोन हैं संवेदनशील

    3. ULMC करेगा गहन सर्वेक्षण, दीर्घकालिक समाधान की तलाश

    सुमन सेमवाल, देहरादून। मसूरी राज्य राजमार्ग पर पानीवाला बैंड के पास हुए भूस्खलन को सरकार ने गंभीरता से लिया है। इसके पीछे की अहम वजह ताजा भूस्खलन नहीं, बल्की मसूरी क्षेत्र की भौगोलिक संवेदनशीलता है।

    सिर्फ यही एक जगह भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील नहीं है। इस राजमार्ग पर अन्य जोन भी हैं, जहां भूस्खलन होता रहता है। लिहाजा, किसी भी बड़े उपचार से पहले उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण केंद्र (यूएलएमसी) से गहन सर्वे कराने का निर्णय लिया गया है।

    लोनिवि प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार के अनुसार फौरी तौर पर सड़क बहाल की जा चुकी है। लेकिन, जिस कारण से भूस्खलन हुआ वह दीर्घकालिक समाधान का हिस्सा है। क्योंकि, सड़क के निचले हिस्से पर 25 से 30 मीटर भाग खिसका है।

    प्रभावित हिस्से में पानी का स्रोत भी है। जिस कारण उपचार के तरीके को लेकर अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।

    तय किया गया है कि यूएलएमसी पहले भूस्खलन स्थल का निरीक्षण करेगी और उसकी प्रकृति देखेगी। उसके अनुसार संस्तुति की जाएगी कि इसके उपचार के लिए किस विधि पर आगे बढ़ना है।

    कम से कम चार और भूस्खलन जोन का होगा सर्वे

    लोनिवि सूत्रों के अनुसार यूएलएमसी पानीवाला बैंड के साथ ही गलोगी क्षेत्र के ऊपरी और निचले क्षेत्र के साथ ही मैगी प्वाइंट और झड़ीपानी क्षेत्र के भूस्खलन जोन का सर्वे भी कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार मसूरी राजमार्ग के ढलान वाला 50 प्रतिशत क्षेत्र अत्यधिक संवेदनशील है।

    गलोगी क्षेत्र का भूस्खलन जोन सुरक्षित

    कुछ दिन पहले गलोगी क्षेत्र में भी भूस्खलन की घटना सामने आई थी। हालांकि, लोनिवि अधिकारियों का कहना है कि गलोगी के जिस भूस्खलन जोन का उपचार किया जा रहा है, वहां नया भूस्खलन नहीं हुआ है।

    खबरें और भी

    इसके आसपास के क्षेत्र में एक जगह से मिट्टी जरूर खिसकी है। यही कारण है कि भूस्खलन न्यूनीकरण केंद्र से मसूरी रोड के बाकी हिस्सों के सर्वे कराने की भी तैयारी है।

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