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    देहरादून में गर्मी से निपटने की तैयारी, एमडीडीए ने 968 करोड़ की योजना में तापमान नियंत्रण को दी प्राथमिकता

    Updated: Tue, 28 Apr 2026 05:16 PM (IST)

    देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शहर के बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने के लिए 968 करोड़ रुपये की योजना शुरू की है। इसमें कूल रूफ तकनीक, हरित क्षे ...और पढ़ें

    कूल रूफ तकनीक से इस तरह छत पर पेंट कर सूर्य की तपिश से बचाया जाता है। साभार-इंटरनेट मीडिया

    कूल रूफ तकनीक से इस तरह छत पर पेंट कर सूर्य की तपिश से बचाया जाता है। साभार-इंटरनेट मीडिया

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    अंकुर अग्रवाल, देहरादून। लगातार बढ़ते तापमान, सिकुड़ती हरियाली और तेजी से कंक्रीट में बदलते शहर के बीच अब देहरादून को ठंडा रखने की दिशा में योजनाबद्ध पहल शुरू होने जा रही है।

    मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की बोर्ड बैठक में 968 करोड़ रुपये के विकास खाके के साथ ऐसी योजनाएं सामने आई हैं, जिनमें शहरी विस्तार के साथ तापमान नियंत्रण को पहली बार स्पष्ट रूप से प्राथमिकता दी गई है।

    एमडीडीए का मानना है कि शहर में केवल निर्माण बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि बढ़ते तापमान और बदलते पर्यावरणीय दबाव के बीच विकास माडल को नई तकनीकों से जोड़ना होगा।

    इसी सोच के तहत हर वर्ग के लिए आवासीय परियोजनाएं, बाहरी क्षेत्रों में व्यावसायिक केंद्र व हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ भवनों पर तापमान नियंत्रक तकनीक लागू करने की तैयारी की जा रही है।

    प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का कहना है कि इससे भवनों के भीतर तापमान दो से पांच डिग्री सेल्सियस तक कम किया जा सकता है।

    इससे एसी व कूलर पर निर्भरता घटेगी और बिजली की खपत कम होगी। इसका फोकस दक्षिण दिशा की दीवारों पर रहेगा, ऐसा इसलिए क्योंकि दिन के अधिकांश हिस्से में सीधी धूप इन्हीं पर पड़ती है और यही हिस्से सबसे अधिक गर्म होते हैं।

    हर वर्ग के लिए आवास, ताकि अनियोजित विस्तार रुके

    प्राधिकरण अलग-अलग आय वर्ग के लिए आवासीय परियोजनाएं विकसित करेगा। उद्देश्य यह है कि शहर में बढ़ती जमीन कीमतों व अनियोजित कालोनियों के विस्तार के बीच व्यवस्थित आवासीय विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।

    इन परियोजनाओं में सड़क, जल निकासी, पार्किंग, सार्वजनिक स्थल और हरित क्षेत्र जैसी बुनियादी सुविधाओं को साथ रखा जाएगा, ताकि भविष्य में बस्तियों पर अतिरिक्त दबाव न बने।

    हरबर्टपुर में नौ बीघा पर कमर्शियल काम्प्लेक्स

    हरबर्टपुर क्षेत्र में करीब नौ बीघा भूमि पर नया कमर्शियल काम्प्लेक्स विकसित करने की योजना भी तैयार की गई है। इससे विकासनगर-हरबर्टपुर बेल्ट में स्थानीय व्यापार को नई दिशा मिलेगी और शहर के मुख्य हिस्से पर व्यावसायिक दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। यह परियोजना बाहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाएगी और स्थानीय रोजगार को भी सहारा देगी।

    छह बेल्ट में हरियाली से तापमान पर नियंत्रण

    एमडीडीए ने देहरादून, मसूरी, ऋषिकेश, सेलाकुई, हरबर्टपुर और विकासनगर बेल्ट में ग्रीन कवरेज बढ़ाने की रणनीति तैयार की है।

    सड़क किनारे हरित पट्टियां, डिवाइडर पौधारोपण, सार्वजनिक स्थलों पर पौधे और पार्कों के विस्तार से शहरी तापमान नियंत्रित करने की कोशिश होगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि कंक्रीट के बीच हरित क्षेत्र बढ़ाने से स्थानीय तापमान पर प्रत्यक्ष असर पड़ता है।

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    कूल रूफ तकनीक: छतें अब गर्मी नहीं सोखेंगी

    शहर में बढ़ती गर्मी से निपटने के लिए एमडीडीए कूल रूफ तकनीक पर काम कर रहा है। इसके तहत भवनों की छतों और दक्षिण दिशा की दीवारों पर विशेष रिफ्लेक्टिव पेंट लगाया जाएगा।

    यह पेंट सूर्य की किरणों को वापस परावर्तित करता है व गर्मी को भवन के भीतर जाने से रोकता है। सामान्य सतहें जहां अधिक गर्मी सोख लेती हैं, वहीं यह कोटिंग सतह के तापमान को कई डिग्री तक कम रखती है।

    यदि यह तकनीक बड़े पैमाने पर लागू होती है तो घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव कम करने में मदद मिलेगी।

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