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    कांवड़ मेले में होगी श्रद्धालुओं की डिजिटल सुरक्षा, पहली बार साइबर कमांडो संभालेंगे कमान

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 09:31 AM (GMT+05:30)

    उत्तराखंड में पहली बार कांवड़ मेला 2026 की डिजिटल सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित साइबर कमांडो तैनात किए गए हैं। ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में पहली बार किसी बड़े धार्मिक आयोजन की साइबर सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित साइबर कमांडो तैनात किए गए हैं।

    कांवड़ मेला-2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक आधारित साइबर सुरक्षा व्यवस्था विकसित की गई है। इसे आगामी महाकुंभ-2027 की तैयारियों की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    देशभर से आए 31 प्रशिक्षित साइबर कमांडो

    शुक्रवार को पटेल भवन में कांवड मेला ड्यूटी पर नियुक्त साइबर कमांडो की विशेष ब्रीफिंग आयोजित की गई। हरिद्वार में तैनात किए गए इन प्रशिक्षित कमांडो को साइबर सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और रियल-टाइम इंटेलिजेंस के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान बताया गया कि कांवड मेले में पहली बार इस स्तर की तकनीकी निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है।

    कांवड मेला के दौरान चार विशेष इकाइयां साइबर सिक्योरिटी यूनिट, सोशल मीडिया मानिटरिंग यूनिट, साइबर इंटेलिजेंस यूनिट और इंसिडेंट रिस्पांस यूनिट 24 घंटे साइबर स्पेस, सोशल मीडिया प्लेटफार्म और अन्य डिजिटल माध्यमों पर नजर रखेंगी। इनका उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम, अफवाहों पर नियंत्रण और श्रद्धालुओं की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

    इस अभियान के तहत देशभर से आए 31 प्रशिक्षित साइबर कमांडो तथा उत्तराखंड के चार साइबर कमांडो हरिद्वार कंट्रोल रूम, कांवड सेल पटेल भवन और आईटीडीए में तैनात रहकर वर्चुअल दुनिया की लगातार निगरानी करेंगे। यह टीम साइबर स्पेस में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ रियल-टाइम सूचना साझा कर फील्ड इकाइयों को तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराएगी।

    तत्काल सूचना आदान प्रदान की व्यवस्था मजबूत करें

    एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनंद भरने ने ब्रीफिंग के दौरान साइबर कमांडो को निर्देश दिए कि वह अपने तकनीकी ज्ञान और प्रशिक्षण का उपयोग करते हुए साइबर अपराधियों की पहचान, साइबर इंटेलिजेंस के विश्लेषण और त्वरित सूचना आदान-प्रदान की व्यवस्था को और मजबूत करें।

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    उन्होंने कहा कि कांवड मेले के दौरान प्राप्त अनुभव महाकुंभ-2027 के लिए साइबर सुरक्षा की मानक संचालन प्रक्रियाएं तैयार करने में बेहद उपयोगी साबित होंगे।

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ अजय सिंह ने आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर साइबर अपराधों की रोकथाम, डिजिटल निगरानी और प्रत्येक साइबर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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