केदारनाथ धाम जाने के लिए बनेगा नया रास्ता, दो टनल बढ़ाएगी ऑल वेदर रोड कनेक्टिविटी
उत्तराखंड सरकार केदारनाथ यात्रा के लिए एक नया वैकल्पिक मोटर मार्ग विकसित कर रही है, जो चुन्नी बैंड से सोनप्रयाग तक 23 किमी लंबा होगा। ...और पढ़ें

आपदा की स्थिति में मुख्य मार्ग बाधित होने पर दर्शनार्थियों की निकासी कराई जा सकेगी।

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अश्वनी त्रिपाठी, देहरादून। अब केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार एक वैकल्पिक मोटर मार्ग विकसित करने जा रही है। यह टू-लेन मोटर मार्ग चुन्नी बैंड से कालीमठ होते हुए सोनप्रयाग तक जाएगा।
इससे श्रद्धालुओं को केदारनाथ जाने के लिए नया रास्ता मिलेगा, वहीं आपदा की स्थिति में मुख्य मार्ग बाधित होने पर चौमासी गांव तक निकासी कराई जा सकेगी।
केदारनाथ यात्रा में प्रतिदिन 40 से 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने से सोनप्रयाग को जाने वाले वर्तमान मार्ग पर बड़ा दबाव रहता है। यह क्षेत्र फ्लैश फ्लड, भूस्खलन व बादल फटने जैसी आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील है।
वर्ष 2013 में केदारनाथ आपदा में मुख्य मार्ग बाधित होने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु फंस गए थे, तभी से यहां वैकल्पिक मार्ग बनाने पर विचार किया जा रहा था। अब केंद्र सरकार ने इस मार्ग को बनाने पर हरी झंडी दे दी है। यह मार्ग बनने से प्रतिवर्ष 15 से 20 लाख तीर्थयात्रियों के अलावा चौमासी और आसपास के ग्रामीण, खच्चर संचालक और सेवा प्रदाता लाभान्वित होंगे।
केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या
- वर्ष - यात्री
- 1990, 117774
- 2000, 215270
- 2010, 400014
- 2020, 1,35,000
- 2022, 4,25,075
- 2023, 19,61,025
- 2024, 16,52,070
- 2025, 17,70,000
यह होगा प्रस्तावित रूट
केदारनाथ जाने में यह टू-लेन मोटर मार्ग कुंड के निकट चुन्नी बैंड से शुरू होकर कालीमठ के रास्ते चौमासी, सोनप्रयाग तक पहुंचेगा। इसकी कुल लंबाई 23 किमी. होगी। कुंड क्षेत्र से भक्तों को सोनप्रयाग जाने के दो विकल्प मिल सकेंगे। इस मार्ग को वैकल्पिक आपातकालीन कारिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।
खास होगा यह मार्ग
चुन्नी बैंड से सोनप्रयाग तक प्रस्तावित मार्ग का चौड़ीकरण इसकी खासियत होगी। संवेदनशील हिस्सों में रिटेनिंग वाल और ब्रेस्ट वाल बनाई जाएंगी, जबकि ढलान स्थिरीकरण और सुरक्षात्मक इंजीनियरिंग उपायों से भूस्खलन के खतरे को कम किया जाएगा। बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, हैंडरेल, पैरापेट और सुरक्षा बैरियर लगाए जाएंगे। आपात स्थिति के लिए विश्राम व आपात ठहराव केंद्र भी विकसित किए जाएंगे।
दो टनल से बढ़ेगी ऑल वेदर कनेक्टिविटी
परियोजना में चौमासी से सोनप्रयाग के बीच दो सुरंगों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक सुरंग की लंबाई सात किलोमीटर होगी, यानी कुल 14 किलोमीटर का टनल सेक्शन विकसित किया जाएगा। इन सुरंगों से घुमावदार रास्तों पर निर्भरता कम होगी और दूरी में भी कमी आएगी। बारिश, भूस्खलन और बर्फबारी जैसी परिस्थितियों में तीर्थयात्रियों को ऑल-वेदर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
खबरें और भी
‘केदारनाथ के लिए नया वैकल्पिक मार्ग बनाने के प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी मिल गई है। इस प्रोजेक्ट पर जल्द कार्य शुरू होगा। इससे आपदा के दिनों में बड़ी राहत मिल सकेगी।’ - पंकज पांडेय, सचिव-लोक निर्माण विभाग
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