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    देहरादून: हाथियों के बाद अब गुलदार का आतंक, दहशत में शेरगढ़ के ग्रामीण

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 04:25 PM (IST)

    डोईवाला के शेरगढ़ गांव में जंगली हाथियों के बाद अब गुलदार का आतंक बढ़ गया है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। हाल ही में गुलदार एक घर से कुत्ते को उठा ले ...और पढ़ें

    शेरगढ़ में आबादी क्षेत्र में घूमता हुआ गुलदार। साभार ग्रामीण

    शेरगढ़ में आबादी क्षेत्र में घूमता हुआ गुलदार। साभार ग्रामीण 

    HighLights

    1. शेरगढ़ गांव में जंगली हाथियों के बाद गुलदार का आतंक

    2. गुलदार ने घर से कुत्ते को उठाया, ग्रामीणों में दहशत

    3. वन विभाग से पिंजरा लगाने, गश्त बढ़ाने की मांग

    संवाद सहयोगी, डोईवाला (देहरादून)। ग्रामसभा माजरी ग्रांट के शेरगढ़ गांव में पहले जंगली हाथियों के हमलों से परेशान ग्रामीण अब गुलदार के बढ़ते आतंक से सहमे हुए हैं।

    लगातार तीसरे दिन भी गुलदार रिहायशी क्षेत्र में घुस आया और एक घर के भीतर से कुत्ते को उठाकर ले गया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और लोगों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

    जानकारी के अनुसार, बीती रात गुलदार सुखविंदर सिंह फौजी के घर में घुस गया और उनके कुत्ते को अपना शिकार बना लिया।

    इससे पहले भी गुलदार कई बार गांव के आसपास दिखाई दे चुका है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय बढ़ता जा रहा है।

    शाम होते ही लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं और बच्चों तथा बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि कुछ समय पहले तक क्षेत्र में जंगली हाथियों के झुंड किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे थे।

    हाथियों के आतंक से राहत भी नहीं मिली थी कि अब गुलदार की आवाजाही ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। वन्यजीवों के लगातार आबादी की ओर आने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

    उप प्रधान गुरजीत कौर ने वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा लगाया जाए, नियमित गश्त बढ़ाई जाए तथा गुलदार को जल्द पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए।

    उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

    ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से अपील की है कि शेरगढ़ गांव में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को भय के माहौल से राहत मिल सके और उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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