Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    उत्तराखंड के सभी विद्यालयों में एनसीइआरटी किताबें

    By BhanuEdited By:
    Updated: Thu, 27 Jul 2017 08:58 PM (IST)

    राज्य में अगले शैक्षिक सत्र से सभी विद्यालयों में कक्षा एक से बारहवीं तक एनसीइआरटी की किताबें लागू होंगी। इस व्यवस्था से सिर्फ आइसीएसई बोर्ड के विद्या ...और पढ़ें

    उत्तराखंड के सभी विद्यालयों में एनसीइआरटी किताबें
    उत्तराखंड के सभी विद्यालयों में एनसीइआरटी किताबें

    देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: राज्य में अगले शैक्षिक सत्र 2018-19 से सभी विद्यालयों में कक्षा एक से बारहवीं तक एनसीइआरटी की किताबें लागू होंगी। इस व्यवस्था से सिर्फ आइसीएसई बोर्ड के विद्यालयों को नहीं जोड़ा गया है। राज्य मंत्रिमंडल ने यह महत्वपूर्ण फैसला लिया।

    अब राज्य सरकार के विद्यालयों, सहायताप्राप्त अशासकीय विद्यालयों, उत्तराखंड बोर्ड से मान्यताप्राप्त निजी विद्यालयों और सीबीएसइ विद्यालयों के 18.56 लाख छात्र-छात्राओं को अब महंगी पुस्तकों से निजात मिल जाएगी। माना जा रहा है कि एनसीइआरटी किताबों पर उक्त निर्णय लेने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है। 

    मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। मंत्रिमंडल ने राज्य में अभिभावकों और छात्र-छात्राओं को राहत देते हुए अगले शैक्षिक सत्र से कक्षा एक से 12वीं तक एनसीइआरटी की अपेक्षाकृत सस्ती किताबें राज्यभर में लागू करने का निर्णय लिया। 

    इसके दायरे में राज्य सरकार के विद्यालयों के साथ ही उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेने वाले निजी विद्यालय और निजी सीबीएसइ विद्यालय भी शामिल किए गए हैं। अब 18 लाख 56 हजार 958 छात्र-छात्राओं को महंगी किताबें लेने को विवश नहीं होना पड़ेगा। इन विद्यालयों में अनिवार्य रूप से बुक बैंक की स्थापना भी की जाएगी। 

    खबरें और भी

    कक्षा एक से आठवीं तक राज्य के इतिहास समेत तमाम जानकारियों को लेकर एक पुस्तक का निर्माण राज्य सरकार करेगी। अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्र-छात्राओं को कक्षा नौ से बारहवीं तक मुफ्त किताबें देने का प्रावधान है। 

    गौरतलब है कि राज्य में एनसीइआरटी की किताबें लागू करने को लेकर शिक्षा मंत्रालय की ओर से पिछले चार माह से कसरत की जा रही थी। 

    कैबिनेट ने राजकीय सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान, अल्मोड़ा में 624 पद मंजूर किए हैं। उत्तराखंड स्टेट सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस के गठन पर भी कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। 

    कैबिनेट फैसले

    -अगले शैक्षिक सत्र से लागू होंगी सस्ती किताबें, उत्तराखंड की पहल

    -राजकीय सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान, अल्मोड़ा में 624 पद मंजूर

    -उत्तराखंड स्टेट सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस के गठन पर मुहर

    यह भी पढ़ें: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बोले, गोरक्षा के लिए केंद्र बनाए कानून

    यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में भारी बहुमत के बावजूद संगठन को मजबूत करने में जुटी भाजपा

    यह भी पढ़ें: विभागों के कामकाज पर रहेगी सीएम की सीधी नजर