NEET-UG में डाक्टर दंपती के बेटे आदि जैन बने उत्तराखंड टापर, AIR 242 रैंक के साथ हासिल किए 681 अंक
दून के आदि जैन ने नीट-यूजी में 681 अंक हासिल कर उत्तराखंड में टॉप किया है, अखिल भारतीय स्तर पर उनकी 242वीं रैंक है। ...और पढ़ें

नीट-यूजी के उत्तराखंड टापर आदि जैन अपने माता-पिता के साथ।
HighLights
आदि जैन ने नीट-यूजी में उत्तराखंड टॉप किया
681 अंक और अखिल भारतीय 242वीं रैंक हासिल की
डॉक्टर दंपती के बेटे ने दोबारा परीक्षा में सफलता पाई
जागरण संवाददाता, देहरादून। नीट-यूजी में दून के आदि जैन ने उत्तराखंड में टाप किया है। आदि ने 681 अंक हासिल कर अखिल भारतीय स्तर पर 242वीं रैंक प्राप्त की है।
आदि अब देश के प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस सीट के प्रबल दावेदार बन गए हैं। आदि की सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि इस बार नीट की परीक्षा असाधारण परिस्थितियों में हुई।
तीन मई को आयोजित परीक्षा पेपर लीक के कारण रद करनी पड़ी थी। इसके बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की।
दोबारा परीक्षा के बावजूद आदि ने अपनी तैयारी और आत्मविश्वास को बनाए रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। आदि डाक्टर परिवार से हैं।
उनके पिता डा. आलोक जैन जिला चिकित्सालय में ईएनटी सर्जन हैं, जबकि मां डा. श्वेता जैन डेंटल सर्जन हैं और उनका अपना क्लीनिक हैं।
चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े परिवार में पले-बढ़े आदि ने भी डाक्टर बनने का लक्ष्य तय किया और उसी दिशा में लगातार मेहनत की। आदि की प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसेफ स्कूल देहरादून से हुई है।
शिक्षकों के अनुसार, आदि शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर और अनुशासित रहे हैं। विषयों की गहरी समझ, नियमित अध्ययन और लगातार अभ्यास उनकी सफलता का आधार रहा।
बता दें कि इस वर्ष उत्तराखंड से नीट-यूजी के लिए 20,344 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें 18,001 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए और 10,127 सफल रहे।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पंजीकरण, परीक्षा में शामिल होने और सफल अभ्यर्थियों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।
वर्ष 2025 में प्रदेश से 21 हजार अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें 20,329 परीक्षा में शामिल हुए थे और 11,207 सफल हुए थे।
यह भी पढ़ें- नीट-यूजी परिणाम के बाद उत्तराखंड में काउंसलिंग की तैयारी, 500 से अधिक अंक पर सरकारी कालेज में मजबूत दावेदारी
यह भी पढ़ें- सपना, समर्पण और मेहनत से बारामती की श्रावणी ने नीट-यूजी में हासिल की पांचवी रैंक