Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Uttarakhand: विधानसभा सत्र में रूट डायवर्ट होने से लोगों को खासा परेशानी, लंबी दूरी तय करने को हुए मजबूर; ठप रही यातायात

    Updated: Mon, 26 Feb 2024 09:48 PM (GMT+05:30)

    Uttarakhand Assembly Session विधानसभा सत्र की वजह से एक दिन पहले ही पुलिस विभाग ने रूट डायवर्जन प्लान जारी कर दिया था। नेहरु कालोनी से रिस्पना की ओर स ...और पढ़ें

    विधानसभा सत्र में रूट डायवर्ट होने से लोगों को खासा परेशानी
    विधानसभा सत्र में रूट डायवर्ट होने से लोगों को खासा परेशानी

    जागरण संवाददाता, देहरादून। Uttarakhand Assembly Session: विधानसभा सत्र के दौरान विभिन्न संगठनों के धरने और प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने रिस्पना पुल के पास बैरेकेड्स लगा दिए। आंदोलनकारियों को यहीं पर रोका गया। इस दौरान आमजन को भी परेशानी का सामना पड़ा। खासकर स्कूली बच्चों और दृष्टि बाधित वृद्ध को पैदल चलकर आगे बढ़ना पड़ा। कारगी, हरिद्वार बाइपास रिस्पना, नेहरु कालोनी आदि क्षेत्रों में लोग काफी देर लंबे जाम में फंसे रहे।

    सोमवार को विधानसभा सत्र की वजह से एक दिन पहले ही पुलिस विभाग ने रूट डायवर्जन प्लान जारी कर दिया था। नेहरु कालोनी से रिस्पना की ओर से जाने वाले मार्ग को विभिन्न जुलूसों के कारण बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया गया। जुलूस समाप्त होने के बाद दोपहर तीन बजे मार्ग को खोला गया। इसकी वजह से विक्रम, सिटी बसों, ई रिक्शा व निजी वाहनों का भी संचालन ठप रहा। आमजन को पैदल जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

    महिला, पुरुष और स्कूली बच्चों को खासकर समस्याएं झेलनी पड़ीं। बाहर से आए लोगों को रास्ते का पता न होने के कारण काफी समस्या हुई। स्कूल की छुट्टी के समय भी रास्ता बाधित रहा। इसकी वजह से बच्चों को स्कूल से लेने को अभिभावकों को पैदल जाने को मजबूर होना पड़ा। अस्पताल में डाक्टर से लिए समय को भी कुछ लोगों को अगले दिन के लिए टालना पड़ा। परेड ग्राउंड से चलने वाले टैंपो सिर्फ धर्मपुर तक ही आ रहे थे।

    अभिभावक बच्चों को पैदल लाए स्कूल

    इसकी वजह से लोगों को भारी भरकम सामान कंधे पर लादकर पैदल रिस्पना पुल तक प्रगति विहार के अंदर से घूमकर जाना पड़ा। ऐसे ही हाथों में बैग लिए अभिभावक बच्चों को पैदल चलाकर स्कूल से लाए। जिसकी वजह से बच्चों को काफी परेशानी हुई। बस पकड़ने रिस्पना पुल आए यात्री हाथों में भारी बैग लिए पैदल चलने को मजबूर हुए। इसके बाद लंबा रास्ता तय कर पैदल बस स्टाप पर पहुंचे।

    खबरें और भी

    हर्रावाला निवासी रामावतार के अनुसार, गढ़ी कैंट स्थित एमईएस से आ रहा हूं। दृष्टि बाधित हूं। छड़ी के सहारे इस भीड़ में कैसे जा पाऊंगा। हर्रावाला के लिए बस भी रिस्पना स्टैंड से ही मिलेगी। पुलिस ने हर तरफ रास्ते बंद कर रखे हैं। लेकिन अब जैसे भी हो जा रहा हूं।  

    मोहकमपुर प्रियंका के अनुसार, अस्पताल से आ रही हूं। फव्वारा चौक से पैदल चलकर आई हूं। पुलिस ने यहां बैरीकेडिंग लगा दी है। अब लंबा रास्ता गलियों के भीतर से है। रास्ता भी नहीं पता है। इसके लिए पुलिसकर्मियों से निवेदन किया। लेकिन जाने ही नहीं दे रहे हैं।  

    मोहकमपुर निवासी शिवानी घिल्डियाल का कहना है कि अभी बीते दिनों भी ऐसे ही बैरीकेडिंग लगा दी गई थी। तब भी गलियों के भीतर पूंछते हुए जाने को मजबूर होना पड़ा था। अब आज फिर यही कहा जा रहा है कि गली के अंदर से घूमकर चले जाओ। रोजाना परेशानियां आम जनता को होती है।  

    मियावाला निवासी अभय के अनुसार, कालेज से आ रहा हूं। चौक से पैदल चलकर आ रहा हूं। विक्रम और ई रिक्शा भी बंद हैं। यहां रास्ता बंद है। पुलिसकर्मी बैरीकेड्स नहीं खोल रहे हैं। अब लंबा रास्ता घूमकर जाना होगा। इस परेशानी का विकल्प आमजनता को देखते हुए निकालना चाहिए। 

    यह भी पढ़ें-

    विधानसभा का बजट सत्र: राज्यपाल के अभिभाषण में दिखी उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने को सरकार के प्रयासों की तस्वीर

    धामी सरकार नए बजट में गेमचेंजर योजनाओं पर खेल सकती है बड़ा दांव