देहरादून में अब PNG कनेक्शन लेना होगा अनिवार्य, LPG सिलिंडर होगा सरेंडर
देहरादून में अब उन क्षेत्रों में पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा जहां इसका नेटवर्क मौजूद है। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
नेटवर्क वाले क्षेत्रों में पीएनजी कनेक्शन लेना अब अनिवार्य
उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा
तेल कंपनियां पीएनजी अपनाने में उपभोक्ताओं को जागरूक करेंगी
जागरण संवाददाता, देहरादून। राजधानी के शहरी इलाकों में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी कनेक्शन को लेकर केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं के भम्र की स्थिति को दूर कर दिया है। सरकार ने एक नई और सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है।
नए नियमों के मुताबिक जिन क्षेत्रों में पीएनजी का नेटवर्क है, वहां के उपभोक्ताओं के लिए अब पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे क्षेत्रों में लोग अब कनेक्शन लेने या इसका इस्तेमाल करने से इन्कार नहीं कर सकेंगे।
गेल गैस की पाइपलाइन तैयार, अब तेल कंपनियों को मिली जिम्मेदारी
गेल गैस इंडिया लिमिटेड की ओर से देहरादून की 80 कालोनियों में गैस पाइपलाइन बिछाने का बुनियादी ढांचागत कार्य लगभग पूरा कर लिया है।
इससे पहले, इन कालोनियों के अधिकांश लोग सुरक्षा, खर्च या जागरूकता की कमी के चलते पीएनजी अपनाने में आनाकानी कर रहे थे, जिससे कंपनी के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया था।
इस गतिरोध को तोड़ने के लिए केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के तहत अब मुख्य तेल कंपनियों हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम और इंडियन आयल को मोर्चे पर उतारा गया है।
इन कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने-अपने मौजूदा एलपीजी उपभोक्ताओं को जागरूक करें, उन्हें पीएनजी से जोड़ें और उनका एलपीजी कनेक्शन विधिक रूप से सरेंडर करवाएं।
पहले चरण में 10 कालोनियां और 1000 घरों का लक्ष्य
प्रथम चरण: पहले फेज के तहत तेल कंपनियों को 10 मुख्य कालोनियों को पीएनजी नेटवर्क से पूरी तरह संतृप्त करने का टास्क दिया गया है।
शुरुआत में एक हजार घरों को सीधे पीएनजी की आपूर्ति से जोड़ा जाएगा। इसके बाद बाकी बची 70 कालोनियों का रुख किया जाएगा।
वर्तमान में पीएनजी नेटवर्क से जुड़े केवल 4,000 घरों की रसोई तक ही वास्तविक गैस की आपूर्ति पहुंच पा रही है।
शहर में कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं का कुल आंकड़ा 38,000 के पार है। लेकिन इनमें से कई क्षेत्रों में अभी गैस की वास्तविक आपूर्ति शुरू नहीं हुई है।
इसके उलट, शहर के जिन गैर-नेटवर्क वाले क्षेत्रों में पाइपलाइन नहीं है, वहां से पीएनजी के लिए नए आवेदनों का आंकड़ा एक लाख हो चुका है।
'शहर की 80 कालोनियों को चरणबद्ध तरीके से पीएनजी नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। केंद्र की नई गाइडलाइन के बाद अब नेटवर्क वाले क्षेत्र में पीएनजी कनेक्शन लेना वैधानिक रूप से मैंडेटरी है। तेल कंपनियां ग्राउंड लेवल पर उपभोक्ताओं को इसके फायदों के प्रति जागरूक करेंगी और एलपीजी सरेंडर की प्रक्रिया को आसान बनाएंगी।'
- अंबुज गौतम, महाप्रबंधक, गेल गैस लिमिटेड, देहरादून
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