उत्तराखंड: राहुल गांधी के 'पेपर लीक' वाले वार पर भाजपा का पलटवार, गिनाए कांग्रेस काल के भर्ती घोटाले
राहुल गांधी के प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता पर सवाल उठाने के बाद उत्तराखंड में सियासी संग्राम तेज हो गया है। ...और पढ़ें

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की फोटो।
HighLights
राहुल गांधी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता पर उठाए सवाल
भाजपा ने कांग्रेस सरकारों पर भर्ती घोटालों का आरोप लगाया
उत्तराखंड में भर्ती प्रक्रिया पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में सियासी संग्राम तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता पर सवाल उठाया तो भाजपा ने कांग्रेस की सरकारों में भर्ती प्रक्रियाओं में हुए सभी पुराने मामले याद दिला डाले।
भाजपा आइटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस पर भर्ती घोटालों की शुरुआत करने का आरोप लगाते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य पर सवाल उठाने से पहले राहुल गांधी को कांग्रेस शासनकाल का रिकार्ड भी देखना चाहिए।
अमित मालवीय ने एक्स पर कहा कि उत्तराखंड को भर्ती घोटालों का एपिसेंटर तो कांग्रेस सरकारों ने बनाया। उन्होंने याद दिलाया कि एनडी तिवारी सरकार में दारोगा भर्ती से लेकर पटवारी भर्ती में गड़बड़ी और लेन-देन के बाद भर्ती प्रक्रिया निरस्त करना पड़ा था।
हरीश रावत सरकार के कार्यकाल में यूकेएसएसएससीवीपीडीओ भर्ती परीक्षा में आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव और परीक्षा नियंत्रक तक गिरफ्तार हुए।
सिडकुल भर्ती, यूबीटीईआर और आयुर्वेद विश्वविद्यालय की भर्तियां भी विवादों और अनियमितताओं के आरोपों में घिरी रहीं। आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में भर्तियां सवालों के घेरे में रहीं, लेकिन व्यवस्था सुधारने की कोई ठोस पहल नहीं हुई।
अमित मालवीय ने राहुल गांधी से पूछा कि जिन भर्ती घोटालों की नींव कांग्रेस शासनकाल में पड़ी, उसके लिए जवाबदेह कौन है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों में घोटाले होते रहे, जबकि भाजपा सरकार ने गड़बड़ियां सामने आते ही कानून बनाया, जांच कराई, गिरफ्तारियां कीं और व्यवस्था में सुधार किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का युवा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि सरकारों का रिकार्ड देखता है और इसी आधार पर अपना निर्णय करता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाले को दबाने के बजाय निर्णायक कार्रवाई की गई। राज्य में देश के सबसे कठोर नकल-विरोधी कानूनों में से एक लागू किया गया।
सौ से अधिक नकल माफिया को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए। पार्टी के अनुसार पिछले चार वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया से सरकारी नौकरियां मिली हैं।
राहुल बोले- युवाओं का भविष्य नीलाम नहीं होने देंगे
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में बताया कि वे 17 जुलाई को देहरादून आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि छात्रों की गूंज कार्यक्रम को उत्तराखंड में ही क्यों किया जा रहा है।
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इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि देवभूमि को पेपर लीक का एपीसेंटर बना दिया गया है। उन्होंने पटवारी से लेखपाल समेत अन्य पदों के रेट तय होने की बात की।
आगे कहा कि सरकार ने नकल-विरोधी कानून बनाया फिर भी पेपर लीक होते रहे। पेपर बिकते रहे।
कहा कि यह लीक नहीं, युवाओं के हक और उसके भविष्य की चोरी है। कहा, वह युवाओं का भविष्य नीलाम नहीं होने देंगे। सपने लीक नहीं होने देंगे।
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