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    SIR: नाम और उम्र अलग होने वाले नोटिस के लिए नहीं होना पड़ेगा परेशान, देना होगा एक ही डॉक्यूमेंट

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 10:54 AM (IST)

    उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम व उम्र की विसंगति वाले नोटिस के लिए 11 में से कोई एक पहचान पत्र पर्याप्त है। ...और पढ़ें

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    राज्य ब्यूरो, देहरादून। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के द्वितीय चरण में जिन लोगों को नाम व उम्र की विसंगति के दृष्टिगत नोटिस मिले हैं, उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।

    राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा.बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने साफ किया कि जिस व्यक्ति को ऐसा नोटिस मिला है, उसे निर्वाचन आयोग से पहचान के लिए निर्धारित 11 में से कोई एक प्रमाणपत्र देना ही पर्याप्त होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है, केवल उन्हीं को बीएलओ सुनवाई के लिए बुलाएंगे।

    मैप्ड मतदाताओं को भी नोटिस भेजे

    एसआईआर के द्वितीय चरण में बड़ी संख्या में मैप्ड मतदाताओं को भी नोटिस भेजे गए हैं। इनमें ज्यादातर नाम व उम्र की विसंगति वाले हैं। किसी नोटिस में मतदाता व उसके माता-पिता की उम्र में 14-15 साल का अंतर बताया गया है, तो किसी में नाम में त्रुटियां हैं। यह शिकायतें आ रही हैं कि इसके लिए माता-पिता की उम्र साबित करने वाला कोई प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने काे कहा जा रहा है।

    दिक्कत उन मामलों में आ रही है, जिनमें माता-पिता की आयु से संबंधित कोई प्रमाणपत्र नहीं है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिका

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    री डा.पुरुषोत्तम ने कहा कि नाम व उम्र की विसंगति वाले मतदाताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्हें माता-पिता की आयु संबंधी कोई प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं है। अपनी पहचान सुनिश्चित करने के दृष्टिगत 11 में एक कोई भी प्रमाणपत्र देना ही पर्याप्त होगा।

    घर-घर जाएंगे बीएलओ

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा पुरुषोत्तम के अनुसार बीएलओ से कहा गया है कि वे घर-घर जाएंगे। नोटिस की सुनवाई के लिए मतदाताओं को नहीं बुलाएंगे।

    अलबत्ता, अनमैप्ड मतदाताओं को ही सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे एसआइआर के द्वितीय चरण को समयबद्ध ढंग से पूरा कराएं।

    पहचान के लिए निर्धारित दस्तावेज

    • केंद्रसरकार, राज्य सरकार, पीएसयू के नियमित कर्मचारी व पेंशनभोगी को जारी कोई भी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश।
    • एक जुलाई 1987 से पूर्व भारत में सरकार, स्थानीय प्राधिकारी, बैंक-डाकघर, एलआईसी, पीएसयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र, प्रमाण पत्रव दस्तावेज।
    • सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।
    • पासपोर्ट।
    • मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालयों से जारी मैट्रिकुलेशन/शैक्षिक प्रमाण पत्र।
    • सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
    • वन अधिकार प्रमाण पत्र।
    • सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या किसी भी जाति का प्रमाण पत्र।
    • राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहा कहीं अस्तित्व में हो)।
    • राज्य व स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर।
    • सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र।

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