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    उत्तराखंड एसटीएफ का बड़ा खुलासा: करोड़ों की साइबर ठगी, 15 म्यूल खाते चिह्नित, दो गिरफ्तार

    Updated: Fri, 17 Apr 2026 10:26 AM (IST)

    एसटीएफ उत्तराखंड ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत 15 संदिग्ध म्यूल खाते चिह्नित कर करोड़ों की साइबर ठगी का पर्दाफाश किया है। ...और पढ़ें

    इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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    HighLights

    1. एसटीएफ ने 15 म्यूल खाते चिह्नित कर करोड़ों की ठगी पकड़ी

    2. देहरादून में दो साइबर ठग गिरफ्तार, ऑपरेशन प्रहार जारी

    3. प्रदेश में 2200 संदिग्ध म्यूल खातों की गहन जांच चल रही है

    जागरण संवाददाता, देहरादून। एसटीएफ उत्तराखंड ने म्यूल खातों पर प्रहार करते हुए 15 खातों को चिह्नित किया है। इन खातों में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

    एसटीएफ की रडार पर प्रदेश में संचालित लगभग 2200 संदिग्ध म्यूल बैंक खाते हैं। सभी खाताधारकों की पहचान, बैंक अभिलेखों की जांच, मोबाइल नंबरों के विश्लेषण कर सत्यापन का अभियान किया जा रहा है। आने वाले दिनों में और साइबर ठगों की गिरफ्तारी हो सकती है।

    एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि आपरेशन प्रहार अभियान के तहत एसटीएफ के अंतर्गत 12 टीमें गठित कर साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों का वृहत स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।

    15 संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की जांच

    इसके तहत एसटीएफ की एक टीम डिजिटल साक्ष्यों, बैंक अभिलेखों एवं तकनीकी जांच के आधार पर साइबर अपराधियों की ओर से उपयोग किए जा रहे 15 संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की जांच की गई। जांच के दौरान नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) व इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर (आइ4सी) पोर्टल से प्राप्त शिकायतों और बैंक खातों के सत्यापन में यह पाया गया कि कई बैंक खाते साइबर अपराधियों की ओर से धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को प्राप्त करने, स्थानांतरित करने एवं छिपाने के लिए उपयोग किए जा रहे हैं।

    इनमें से एक खाते में लगभग 1.53 करोड़ की ठगी से संबंधित 28 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। अन्य खातों में भी लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन एवं बहुसंख्यक शिकायतें दर्ज हैं। प्रमुख रूप से प्रकाश में आए म्यूल खातों के संबंध में साइबर पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया है।

    खबरें और भी

    विवेचना के दौरान विभिन्न बैंक खातों से संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद गिरोह के दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों की पहचान दानिश अंसारी निवासी मोहल्ला किला, निकट पानी की टंकी, देवबंद उत्तर प्रदेश वर्तमान निवासी सिद्धार्थ विहार कालोनी कंडोली थाना रायपुर और अंकित एन्थोनी निवासी राजीव नगर तरली कंडोली राजपुर रोड रायपुर के रूप में हुई है।

    भोले भाले व्यक्तियों को लालच देकर खरीदते थे खाता

    एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि साइबर ठग भोले-भाले व्यक्तियों को कमीशन, किराया, नौकरी सहित अन्य लालच देकर उनके बैंक खाते खरीदते थे। बाद में उन्हीं खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने एवं आगे ट्रांसफर करने में करते थे। गिरफ्तार साइबर ठगों से पूछताछ की जा रही है।

    गिरोह में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश जारी है और कई खाताधारकों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोग अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, मोबाइल नंबर, सिम कार्ड एवं नेट बैंकिंग सुविधाएं लालचवश अपराधियों को उपलब्ध कराई गईं। ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

    क्या हैं म्यूल अकाउंट

    म्यूल अकाउंट एक ऐसा बैंक खाता है, जिसका इस्तेमाल अपराधी आनलाइन धोखाधड़ी, मनी लांड्रिंग और गैरकानूनी गतिविधियों के पैसों को ट्रांसफर या छिपाने के लिए करते हैं। यह खाता अक्सर किसी अनजान या लालच में आए व्यक्ति के नाम पर होता है, लेकिन इसका उपयोग साइबर ठग करते हैं। जांच में पकड़े जाने पर खाताधारक कानूनी मुसीबत में फंस सकता है।

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