उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज, बिहार से पहुंचीं 12 हजार नई ईवीएम
राज्य निर्वाचन कार्यालय ने बिहार से 12,500 नई ईवीएम मंगाई हैं, जिससे प्रदेश में कुल मशीनों की संख्या 23 हजार कंट्रोल यूनिट तक पहुंच गई है। ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, देहरादून। राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय अब (एसआईआर) के साथ ही आगामी चुनावों की तैयारियों में जुट गया है। इस कड़ी में राज्य निर्वाचन आयोग ने बिहार से नई ईवीएम मशीनें मंगाई है। इसके तहत बिहार से छह हजार वीवीपैट, 2.5 हजार बैलेट यूनिट व 12500 कंट्रोल यूनिट उत्तराखंड पहुंच गई हैं।
नई मशीनों के शामिल होने के बाद प्रदेश में उपलब्ध कंट्रोल यूनिट की संख्या 23 हजार, बैलेट यूनिट की संख्या 27 हजार और वीवीपैट की संख्या ईवीएम की कुल संख्या बढ़कर लगभग 21 हजार हो गई है। प्रदेश की मौजूदा सरकार का कार्यकाल मार्च, 2027 में समाप्त हो रहा है। ऐसे में उससे पहले विधानसभा चुनाव होने हैं।
मार्च, 2027 में समाप्त हो रहा सरकार का कार्यकाल
प्रदेश में एसआईआर का पहला चरण पूरा हो चुका है। दूसरा चरण चल रहा है और 15 सितंबर तक इसका कार्य पूरा हो जाएगा। यानी इसके बाद मुख्य राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय चुनावी मोड पर आ जाएगा। प्रदेश में एसआईआर के साथ ही बूथों का भी विस्तार हुआ है। प्रदेश में अब 11733 मतदान केंद्रों के 12453 मतदान केंद्र हो गए हैं।
चुनावों के दौरान प्रति मतदान केंद्र एक से अधिक कंट्रोल व बैलेट यूनिट चाहिए होती हैं। ऐसे में प्रदेश को नई मशीनों की जरूरत थी। इस कड़ी में मुख्य राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने भारत चुनाव आयोग से नई मशीनों की मांग की थी। इस कड़ी में केंद्र ने बिहार से नई मशीनों को उत्तराखंड पहुंचा दिया है।
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मशीनों के राज्य में पहुंचने के बाद इनके रखरखाव और तकनीकी परीक्षण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी। इसके तहत प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) कर प्रत्येक मशीन की कार्यक्षमता और तकनीकी गुणवत्ता का परीक्षण किया जाएगा, ताकि चुनाव के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए।
साथ ही नई ईवीएम उपलब्ध होने से भविष्य में मतदान केंद्रों की आवश्यकता के अनुरूप मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में आसानी होगी। साथ ही, खराब या पुरानी मशीनों के स्थान पर नई मशीनों का उपयोग भी किया जा सकेगा। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तूदास ने कहा कि जल्द ही मशीनों की जांच की जाएगी। इससे चुनाव प्रक्रिया अधिक सुचारु, पारदर्शी और विश्वसनीय ढंग से संपन्न कराई जा सकेगी।