उत्तराखंड रोडवेज में घोटाला: 49 सीटर बस में केवल एक पैसेंजर, लेकिल पार्सल का भार दोगुना
दिल्ली से ऋषिकेश आ रही 49 सीटर बस में केवल एक यात्री का टिकट कटा था, जबकि मुजफ्फरनगर के पास जांच में पार्सल का भार दोगुना पाया गया। ...और पढ़ें

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। उत्तराखंड परिवहन निगम में रोडवेज बस के कई चालक-परिचालक अवैध कमाई के चक्कर में रोडवेज को चूना लगा रहे हैं।
ताजा मामला बीते गुरुवार रात ऋषिकेश डिपो की रोडवेज बस का है, जिसमें सबसे व्यस्ततम रूट में चालक-परिचालक दिल्ली से ऋषिकेश तक सिर्फ एक यात्री बैठाकर लाए। रास्ते में यातायात निरीक्षक ने औचक जांच की तो गंभीर अनियमितताएं सामने आई। बस में दस्तावेजों में दर्शाई पार्सल भार से दोगुना सामान लाया जा रहा था। जांच में पकड़ी गई अनियमितताओं की रिपोर्ट ऋषिकेश डिपो प्रबंध को सौंप दी गई है।
हैरान रह गई विभागीय टीम
बीते गुरुवार को ऋषिकेश डिपो के यातायात निरीक्षक ललित भट्ट व श्रीनगर डिपो के यातायात निरीक्षक मुकेश बिष्ट के नेतृत्व में विभागीय टीम अपने डिपो की रोडवेज बसों का कई रूटों में निरीक्षण कर रही थी। इस दौरान विभागीय टीम ने छपार (मुज्जफरनगर, उत्तर प्रदेश) में ऋषिकेश डिपो की रोडवेज बस (UK07pa 4521) को चेकिंग के लिए रोका। विभागीय टीम बस के भीतर पहुंची तो दृश्य देखकर हैरान रह गई।
बस में कुल 49 यात्री सीटें थी, लेकिन बस में एक भी यात्री मौजूद नहीं था। इसके बाद निरीक्षकों ने टिकट मशीन की जांच को तो सिर्फ एक यात्री की टिकट काटी गई थी। चालक-परिचालक ने दावा किया कि वह यात्री भी कुछ दूरी पहले उतरा है। इसके बाद निरीक्षकों ने बस में रखे पार्सल बुकिंग की जांच की तो यहां भी गंभीर अनियमितताएं पकड़ी गई।
बस में रखे पार्सल की बुकिंग सिर्फ दो क्विंटल दर्शायी गई, जबकि बस में रखे पार्सल का भार करीब चार क्विंटल यानी दोगुना पाया गया। यह बस ऋषिकेश डिपो की है। विभागीय निरीक्षकों ने निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट ऋषिकेश डिपो की सहायक महाप्रबंधक को सौंप दी है। महाप्रबंधक संचालन सुरेश चौहान ने बताया कि चालक-परिचालक से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
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अवैध कमाई के चलते रोडवेज को लगा रहे चूना
उत्तराखंड रोडवेज पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, जिसके कारण कई बार कर्मियों को वेतन के लिए भी इंतजार करना पड़ता है।
ऐसे में कुछ कर्मी अवैध कमाई के लालच में रोडवेज को चूना लगाकर न सिर्फ रोडवेज को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि रोडवेज की छवि को भी धूमिल कर रहे हैं। इससे ईमानदारी व समर्पित भाव से सेवा दे रहे कर्मी-अधिकारी हतोत्साहित होते हैं। रोडवेज प्रबंधन की चेतावनी के बावजूद भी कई कर्मी अवैध गतिविधियों से बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं।