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    देहरादून के विकासनगर में आवारा कुत्तों का आतंक: बच्चे को बुरी तरह नोचा, सिर पर लगे 12 टांके

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 11:22 PM (IST)

    विकासनगर के डाक्टरगंज में आवारा कुत्तों के झुंड ने एक दस वर्षीय बच्चे पर हमला कर उसे बुरी तरह नोच दिया, जिससे उसके सिर पर 12 टांके लगे। ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    HighLights

    1. दस वर्षीय बच्चे पर कुत्तों के झुंड ने किया हमला

    2. हमले में बच्चे के सिर पर लगे गंभीर 12 टांके

    3. ग्रामीणों ने गांवों में बधियाकरण कार्यक्रम की कमी पर चिंता जताई

    जागरण संवाददाता, विकासनगर (देहरादून)। कोतवाली विकासनगर अंतर्गत नवाबगढ़ ग्राम पंचायत के डाक्टरगंज में कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि झुंड में एकत्र होकर कुत्ते लोगों पर झपट रहे हैं।

    शुक्रवार को यहां कुत्तों के झुंड ने एक दस वर्षीय बच्चे पर हमला कर उसे बुरी तरह नोच दिया। बच्चे के सिर पर 12 टांके लगे हैं। आसपास के लोगों ने बच्चे को बचाया। साथ ही उसे तत्काल अस्पताल ले गए। घटना के बाद से ही बच्चा काफी डरा-सहमा है।

    बता दें कि न नगर निकायों और न ही ग्राम पंचायतों में कुत्तों से रोकथाम के लिए कोई इंतजाम है। नगर पालिका क्षेत्र में कभी-कभी कुत्तों को पकड़कर उसके बधियाकरण की कार्रवाई होती है, लेकिन ग्राम पंचायतों में तो यह काम भी नहीं हो रहा है।

    इसके चलते ग्राम पंचायतों में कुत्तों की संख्या में इजाफा हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि नवाबगढ़ ग्राम पंचायत में कुत्तों से हर कोई परेशान है।

    शुक्रवार को दस वर्षीय आर्यन पुत्र जोधराम घर के पास ही मौजूद था। इसी बीच उस पर तीन कुत्तों ने हमला कर दिया। इतने में वहां तीन कुत्ते और आ गए। कुत्तों ने हमला कर बच्चे के सिर पर कई जगह घाव कर दिए।

    लोगों ने जब बच्चे के चिल्लाने की आवाज सुनी तो दौड़ पड़े। उन्होंने किसी तरह कुत्तों को भगाकर घायल बच्चे को उप जिला चिकित्सालय विकासनगर पहुंचाया। जहां पर चिकित्सकों ने बच्चे का उपचार किया।

    गांवों में कुत्तों के बधियाकरण की कोई व्यवस्था नहीं

    ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में आवारा कुत्तों के बधियाकरण (नसबंदी) की व्यवस्था न होना एक बड़ी समस्या है, क्योंकि यह कार्यक्रम ज्यादातर शहरी क्षेत्रों तक सीमित है।

    ग्रामीण इलाकों में पशु चिकित्सा के बुनियादी ढांचे की भारी कमी है। कुत्तों के हमले की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए गांवों में भी बधियाकरण कार्यक्रम चलाया जाता चाहिए।

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