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    हरिद्वार में डाक कांवड़ का सैलाब, हजारों वाहन उमड़े; यातायात डायवर्जन लागू

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 02:37 PM (IST)

    हरिद्वार में डाक कांवड़ के हजारों वाहन पहुंचने से डायवर्जन प्लान पूरी तरह लागू हो गया है। वाहनों को मंगलौर-लक्सर होते हुए बैरागी कैंप भेजा जा रहा है, ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, हरिद्वार। कांवड़ मेले के दूसरे चरण में गुरुवार को डाक कांवड़ का रैला हरिद्वार उमड़ पड़ा। दिल्ली-मेरठ से आने वाले वाहनों के साथ-साथ हरियाणा व पंजाब की ओर से हरिद्वार आने वाले वाहनों को भी शत-प्रतिशत मंगलौर से लक्सर की ओर डायवर्ट कर दिया गया।

    जगजीतपुर के रास्ते इन वाहनों को बैरागी कैंप में लाया जा रहा है। वाहनों का दबाव बढ़ने पर जगजीतपुर से मिस्सरपुर, पंजनहेड़ी तक वाहनों की कतारें लगी रही। वहीं, हरिद्वार से रवाना होने वाले वाहनों को वन-वे यातायात व्यवस्था के तहत दिल्ली हाइवे से भेजा जा रहा है।

    30 जुलाई से शुरू हुए श्रावण मास कांवड़ मेले में पहले सप्ताह पैदल कांवड़ यात्रियों की संख्या अधिक रही। दो दिन पहले पंचक खत्म होने पर डाक कांवड़ बढ़नी शुरू हुई। गुरुवार को डाक कांवड़ के वाहनों की भीड़ कई गुना बढ़ गई। दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, मुजफ्फरनगर से आने वाले वाहनों को मंगलौर से लंढौरा होते हुए लक्सर के रास्ते हरिद्वार डायवर्ट कर दिया गया।

    इसके साथ ही हरियाणा व पंजाब आदि राज्यों से सहारनपुर के रास्ते आने वाले वाहनों को भगवानपुर से सालियर होते हुए मंगलौर और फिर इसी रास्ते से वाया लक्सर हरिद्वार भेजा जा रहा है। लक्सर मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ने से गांव-कस्बों के बाहर आबादी वाले इलाकों में जाम की समस्या भी होती रही।

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    खासतौर पर जगजीतपुर से वाहनों को मातृसदन की ओर मोड़कर बैरागी कैंप ले जाने के दौरान यातायात बाधित होता रहा। वाहन रेंग-रेंगकर चले। जिससे जगजीतपुर से लेकर मिस्सरपुर, अजीतपुर व पंजनहेड़ी तक यातायात का दबाव बना रहा। पुलिसकर्मी यातायात सुचारू कराने में जुटे रहे।

    एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि डाक कांवड़ के वाहनों की संख्या गुरुवार से बढ़ गई है। जिसके चलते डायवर्जन प्लान पूरी तरह लागू कर दिया गया है। जिले भर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है। अगले दो-तीन दिन रोजाना संख्या बढ़ने की संभावना है।

    बैरागी कैंप भरने पर होगा दक्ष पार्किंग का इस्तेमाल

    हरिद्वार: मेले के दौरान अलग-अलग पार्किंगों में कुल 70 हजार वाहनों की क्षमता है। सबसे ज्यादा वाहन बैरागी कैंप में जमा होते हैं। फिलहाल लक्सर के रास्ते आने वाले डाक कांवड़ के सभी वाहन बैरागी कैंप में खड़े कराए जा रहे हैं। देर रात तक करीब तीन हजार वाहन बैरागी कैंप पहुंच चुके थे।

    पार्किंग भरने पर दक्ष पार्किंग का इस्तेमाल किया जाएगा। मेले के नोडल अधिकारी व एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि वाहनों को जगजीतपुर में एमएम पब्लिक स्कूल व शनि मंदिर की ओर से मातृसदन होते हुए बैरागी कैंप लाया जा रहा है। जबकि रवानगी हरिद्वार-दिल्ली हाइवे से की जा रही है।

    दुपहिया वाहन इस्तेमाल करें स्थानीय निवासी

    हरिद्वार: डाक कांवड़ के वाहनों की भीड़ बढ़ने से हाइवे के संपर्क मार्गों पर भी यातायात सुचारू कराने में पुलिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खासतौर पर कनखल की ओर से हरिद्वार आने व जाने वाले वाहनों को निकालने के लिए शंकराचार्य चौक, प्रेमनगर आश्रम तिराहा व सिंहद्वार पर पुलिस को बार-बार डाक कांवड़ के वाहनों को रोकना पड़ रहा है।

    भीड़ बढ़ने के चलते इन्हें जल्दी-जल्दी रोकना भी मुश्किल है। जिससे संपर्क मार्गों पर लोकल वाहनों की भीड़ जमा हो जा रही है। पुलिस ने स्थानीय निवासियों से मेले के दौरान दुपहिया वाहन इस्तेमाल करने की अपील की है। एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने हरिद्वार वासियों से की है कि मेला संपन्न होने तक चौपहिया वाहन लेकर न निकलें। दुपहिया वाहन से सफर करने में आसानी होगी।

    बस अड्डा शिफ़्ट, ई-रिक्शा व ऑटो-विक्रम भी रोके

    हरिद्वार: शहर का अंदरूनी यातायात सुचारू रखने के लिए गुरुवार को रोडवेज बस अड्डा अस्थायी रूप से ऋषिकुल मैदान में शिफ्ट कर दिया गया। जबकि ई-रिक्शा व ऑटो विक्रम सहित सभी प्रकार के चौपहिया वाहनों को देवपुरा चौक पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया।

    ट्रेन से हरिद्वार पहुंचने वाले यात्रियों को स्टेशन से देवपुरा चौक तक पैदल चलना पड़ रहा है। सभी प्रकार के यात्री वाहन देवपुरा चौक पर उपलब्ध है। सीओ सिटी शिशुपाल नेगी ने बताया कि शहर की अंदरूनी और खासतौर पर यात्री बाहुल्य क्षेत्र की यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए देवपुरा चौक पर वाहनों को रोक दिया गया है।

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