हरिद्वार में कांवड़ यात्रा का भव्य दृश्य, 'बोल बम' के जयकारों के साथ करोड़ों शिवभक्तों का सैलाब
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा पूरे जोर पर है, जहां पंचक समाप्त होने के बाद शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, हरिद्वार। श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा अपने पूरे जोर पर है। मंगलवार रात पंचक समाप्त होने के बाद बुधवार को धर्मनगरी हरिद्वार में शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह हुई वर्षा भी शिवभक्तों के उत्साह को तनिक भी कम नहीं कर सकी।

हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोषों के बीच हाईवे, कांवड़ पटरी और प्रमुख कांवड़ मार्ग भगवा रंग में पूरी तरह रंगे दिखाई दिए। दूर-दूर तक कंधों पर सजी आकर्षक कांवड़ों की कतारें, डीजे की शिवधुनों पर झूमते श्रद्धालु और सेवा शिविरों में हो रही निःस्वार्थ सेवा ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया।

30 जुलाई से शुरू हुई कांवड़ यात्रा में सातवें दिन बुधवार को शाम तक 37 लाख 30 हजार शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल भरकर अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। साथ ही, कांवड़ यात्रा शुरू होने से बुधवार शाम छह बजे तक एक करोड़ 80 लाख 55 हजार शिवभक्त गंगाजल लेकर विभिन्न राज्यों की ओर प्रस्थान कर चुके हैं।

आगामी चार दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेष रूप से आठ अगस्त से डाक कांवड़ के शुरू होने के साथ यात्रा और अधिक तेज गति पकड़ने की उम्मीद है। 11 अगस्त को देशभर के शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा।
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बुधवार को पूरे दिन शिवभक्तों का उत्साह चरम पर रहा। सुबह से ही हर की पैड़ी, सुभाष घाट, मालवीय घाट, प्रेमनगर आश्रम घाट और अन्य गंगाघाटों पर जल भरने वालों की लंबी कतारें लगी रहीं। वर्षा के बावजूद शिवभक्त पूरे जोश और भक्ति के साथ अपनी यात्रा पर आगे बढ़ते रहे।

हाईवे और कांवड़ पटरी पर दिनभर अलग ही दृश्य देखने को मिला। कई आकर्षक झांकियों और सुंदर कांवड़ों ने लोगों का ध्यान खींचा। जगह-जगह सामाजिक, धार्मिक और स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से लगाए गए सेवा शिविरों में भोजन, फल, शीतल पेय, प्राथमिक उपचार और विश्राम की व्यवस्थाएं भी जारी रहीं।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। प्रमुख कांवड़ मार्गों, स्नान घाटों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।

यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी चौबीसों घंटे अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं ताकि शिवभक्तों की यात्रा सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित बनी रहे। उन्होंने शिव भक्तों से अपील करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें, यातायात एवं सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें तथा स्वच्छ और सुरक्षित कांवड़ यात्रा के संचालन में प्रशासन का सहयोग करें।